बिलासपुर

सोंठी के मन्नादाई मंदिर में 470 ज्योति कलश सहित जवारा की धूम

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम सोंठी,सीपत में बगलामुखी मां मन्नादाई मंदिर में माता की आदिकालीन स्वयंभू प्रतिमा स्थापित है।उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। किवदंती है कि लगभग 400 वर्ष पूर्व गांव के धामा धुर्वा नामक बैगा को सपना आया की मां पहाड़ों में स्थित है, तात्कालीन जमींदार के द्वारा माता की प्रतिमा को गाड़ी से लाने का प्रयास किया गया परंतु 12 बैलगाड़ी टूटने के बाद भी माता अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई । तब माता ने स्वप्न में आदेशानुसार बैगा अपने कंधे पर उठाकर माता रानी को सोंठी में स्थापित किया। पूर्व में बगलामुखी मंदिर में बलि प्रथा भी जारी थी किंतु नव निर्मित मंदिर में स्थापना के बाद मंदिर में बलि प्रथा पूर्णत: बंद है।

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चैत्र नवरात्रि में ग्राम वासियों के द्वारा मंदिर में जवारा बोया गया है जिसके यजमान संजय काशीराम डिक्सेना है और इसके साथ-साथ12 घृत एवं 458 तेल कुल 470 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित है। बगलामुखी मां मन्नादाई मंदिर के बारे में प्रसिद्ध है की संतान प्राप्ति के लिए जो श्रद्धालु सच्चे मन से मन्नत मांगता है माता रानी उनकी इच्छा जरूर पूरा करती है। इस वर्ष मंदिर में हिंदुओं के साथ-साथ बिलासपुर के अन्य संप्रदाय के भक्तों द्वारा भी ज्योति कलश प्रज्वलित कराया है। मंदिर में महाष्टमी में हवन 5 अप्रैल को होगा अगले दिन 6 अप्रैल को महानवमी के अवसर पर रामनवमी महोत्सव, सुंदरकांड पाठ, कन्या भोजन तथा भंडारा का आयोजन किया जायेगा है। विदित हो कि कन्या भोज में ग्राम की तीन से 10 वर्ष तक की सभी बच्चियों का पूजन करके उन्हें सामूहिक भोज कराया जाता है। समिति के अध्यक्ष रामेश्वर जायसवाल ने बताया कि दिनांक 7 अप्रैल सोमवार को जवारा विसर्जन का कार्यक्रम होगा, जिसमें ग्राम के सभी स्त्री पुरुष जस गीत गाते हुए विसर्जन यात्रा निकलते हैं।

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मंदिर के संचालन के लिए पंजीकृत समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष रामेश्वर जायसवाल , भीमप्रताप ठाकुर उपाध्यक्ष, भूपेंद्र तिवारी कोषाध्यक्ष, राज किशोर ठाकुर सचिव सहित हीरालाल पटेल फागुराम पटेल, महेंद्र चंद्रिका पुरे, पंडित प्रमोद तिवारी,बैगा कार्तिक राम,संतोष,धनीराम, धनसाय सहित समस्त ग्रामवासी निरंतर श्रमदान एवं सेवा के द्वारा मंदिर की व्यवस्था को सुचारू रूप से संभाल रहे हैं।

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