बिलासपुर

वायरस के चपेट में आई दोनों मादा शावक की हालत में सुधार, जू प्रबंधन ने कहा पूरी तरह स्वस्थ्य होने में लगेगा समय

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – कानन पेंडारी जू में फेलाइन पेन ल्यूकोपेनिया वायरस की चपेट में आई बाघिन रंभा के दोनों मादा शावक आनंदी व दिशा के स्वास्थ्य में सुधार आया है। इससे जू प्रबंधन ने राहत तो महसूस की है, लेकिन इनके पूरी तरह स्वस्थ्य होने में कुछ और समय लग सकता है। यही वजह है कि चिकित्सक व जूकर्मियों की टीम रेस्क्यू सेंटर में ही तैनात है। वहीं सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। जू प्रबंधन का मानना है कि अभी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। इसलिए वो किसी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहते। दोनों शावक अभी मां से अलग रेस्क्यू सेंटर में रहेंगे।

पिछले साल अप्रैल में कानन पेंडारी जू की बाघिन रंभा ने चार शावकों को जन्म दिया था। चारों स्वस्थ्य और मां के साथ ही केज में नजर आ रहे थे। इसी बीच नर शावक मितान के शरीर का तापमान बढ़ा। इसके साथ पतली दस्ता भी होने लगी। बुधवार की सुबह जब जूकीपर सफाई करने के लिए केज में पहुंचा तो एक शावक की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम में वायरस से शावक ग्रसित होना पाया गया। लिहाजा अन्य शावकों की जांच की गई। जिसमें मादा शावक आनंदी व दिशा भी इस वायरस के चपटे में मिले। इस पर दोनों को तत्काल केज से अलग रेस्क्यू सेंटर में आइसोलेट कर दिया गया है। जू प्रबंधन उनका इलाज करा रहा है। लगातार इलाज की वजह से उनके स्वस्थ्य में गुरुवार की सुबह सुधार दिखा। जिससे जू प्रबंधन की चिंता थोड़ी कम हुई, लेकिन प्रबंधन यह जानता है कि जब तक वह पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं हो जाते, खतरा बरकरार रहेगा। तीसरी शावक रश्मि वायरस से बच गई है। लेकिन एक जूकीपर पूरे समय उसकी निगरानी पर लगा है, ताकि जरा भी तबीयत खराब दिखे तो तत्काल उसे भी इलाज दी जाए। हालांकि अब तक स्वस्थ्य है। फिलहाल जू प्रबंधन आनंदी व दिशा को स्वस्थ्य करने में जुटा हुआ है।


आनंदी व रश्मि को कानन पेंडारी परिसर स्थित रेस्क्यू सेंटर में ही रखा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर रेस्क्यू सेंटर को बंद कर दिया गया। पश चिकित्सक के अलावा किसी को जू में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

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