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अगर मैं जरूरी नहीं तो चला जाऊं…. नई संसद में खड़गे के न पहुंचने के सवाल पर नाराज हुए अधीर रंजन

(शशि कोन्हेर) : देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज नए संसद भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. संसद के विशेष सत्र से एक दिन पहले पार्लियामेंट के गज द्वार पर तिरंगा फहराया गया. इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, प्रमोद तिवारी, JKNC चीफ फारूख अब्दुल्ला समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद रहे. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी इसमें शामिल नहीं हुए. इसको लेकर जब अधीर रंजन से सवाल पूछा गया तो वह नाराज हो गए.

दरअसल मीडिया की ओर से अधीर रंजन से खड़गे और राहुल गांधी की अनुपस्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अगर मैं यहां जरूरी नहीं हूं तो मुझे बताएं, मैं चला जाऊंगा… उन पर ध्यान केंद्रित करें जो यहां मौजूद हैं… मैं यहां हूं, क्या मीडिया के लोगों के लिए ये काफी नहीं है.”

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन वह समारोह में शामिल नहीं हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें काफी देर से यह निमंत्रण मिला है. उन्होंने राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की.

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कार्यक्रम के लिए देरी से न्योता मिलने पर नाखुशी जाहिर की. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को यह कार्यक्रम है जबकि खड़गेजी को 15 सितंबर को दोपहर 12 बजे न्योता भेजा गया है. सरकार को पहले से पता था कि हमारी कांग्रेस कार्यसमिति की पहले से तय बैठक 16-17 सितंबर को हैदराबाद में होने जा रही है.

नए संसद के गज द्वार पर ध्वजारोहण करने से पहले धनखड़ और बिड़ला को सीआरपीएफ के पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप ने अलग से गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है. भारत युग परिवर्तन का गवाह बन रहा है. दुनिया भारत की शक्ति और योगदान को पूरी तरह से पहचान रही है. हम ऐसे समय में रह रहे हैं, जहां हम विकास, उपलब्धियां देख रहे हैं.

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