बिलासपुर

ताश के पत्तो की तरह अधिकारियों को फेंट रहा है स्वास्थ्य विभाग-अब डॉ. अनिल गुप्ता बनाए गये सीएमएचओ

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(नीरज शर्मा के साथ सुशांत सिंह ठाकुर) : बिलासपुर – स्वास्थ्य विभाग में जिस बात की कल्पना नही की जा सकती वो सब निर्णय यहां लिए जा रहे है।पिछले कुछ महीनों से जिले के स्वास्थ्य विभाग में चल रही उथल पुथल इसी बात को साबित करती है।

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पहले डॉ प्रमोद महाजन को जिला अस्पताल से उठाकर सीएमएचओ के पद पर बिठाया गया, फिर थोड़ी राहत के बाद रतनपुर से उठाकर डॉ अनिल श्रीवास्तव को मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी का पद सौपा गया।जिसके बाद लग रहा था कि अब शायद कार्य और स्वास्थ्य विभाग थोड़ी ही सही पटरी पर वापस लौट आएगी मगर महज कुछ महीनों में ही उन्हें पद से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया।उसके बाद उनकी जगह जांजगीर से डॉ आर के सिंह को इस जिले के स्वास्थ्य अधिकारी की कमान सौपी गई,लेकिन उन्हें भी ये गद्दी रास नहीं आई,और एक माह के भीतर उनकी तबियत बिगड़ गई।उनकी जगह पर अब जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अनिल गुप्ता को भेज दिया गया है।

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हालांकि स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्यालय के कर्मचारियों ने ही दबी जुबान में अभी से ये कहना शुरू कर दिया है कि जो अधिकारी जिला अस्पताल नही संभाल पा रहे थे उन्हें जिला संभालने कह दिया गया है। वे पहले जिला अस्पताल की व्यवस्था को सुधार ले तब यहां के काम काज में कसावट लाने की सोंचे।

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बता दें कि फिलहाल सिविल सर्जन डॉ अनिल गुप्ता अस्वस्थ चल रहे हैं शायद एक दो दिन बाद ही सीएमएचओ का प्रभार लेंगे।लेकिन बातें तो चलती रहेंगी, क्यूंकि सिविल सर्जन किसी के लिए अंजान नही है।और उनकी कहानियां किसी से छुपी भी नही है।कई जांच,कई आरोप और विवादित बयान के धनी होने के साथ गुस्सैल प्रवत्ति का भी उन्हें कहा जाता है।राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब खुद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में ये बात आम हो चुकी है कि सरकार अब कभी भी कुछ भी आदेश जारी कर सकती है।

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