पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के प्रेरक विचारों ने किया अभिभूत, अटल विवि का 6वां दीक्षांत समारोह रहा शानदार

(दिलीप जगवानी/सतीश साहू) : बिलासपुर – अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस बार ज्यादा उत्साह दिखा क्योंकि मंच पर देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री भी समारोह में पहुंचे और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
अटल बिहारी वाजपेई वि वि का छठवां दीक्षांत समारोह देश के पूर्व राष्ट्रपति के गरिमामय उपस्थिति मे संपन्न हुआ। उनके साथ प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं उपमुख्यमंत्री अरुण साहू उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा को अपने बीच एक साथ पाकर छात्र छात्राओं मे विशेष उत्साह दिखा। विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भरपूर सम्मान दिया। कुल 62 स्वर्ण पदक उन मेधावी छात्रों को प्रदान किए गए जिन्होंने अपने-अपने विषयों में प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरी से दसवीं रैंक तक आने वाले 551 छात्रों को मंच से सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र दिए गए।यही नहीं कुल 619 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 63 पीएचडी डिग्रियाँ भी शामिल हैं।सबसे खास और प्रेरक बात यह रही कि इस साल भी बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 
विश्वविद्यालय के 51 विभागों में से 40 विभागों की गोल्ड मेडलिस्ट छात्राएं रहीं। इसके अलावा 53 विभागों के टॉप-10 में 350 छात्राएं शामिल रहीं। यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों की मेहनत, लगन और बढ़ती शिक्षा शक्ति का मजबूत उदाहरण है।मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने प्रेरक संबोधन मे कहा यह दिन छात्रों और उनके गुरुजनों के लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा के देश के हर कोने में बेटियाँ लगातार आगे बढ़ रही हैं, और यह नए भारत की मजबूत तस्वीर है। इस वर्ष 52 गोल्ड मेडल लड़कियों को और 14 लड़कों को मिले हैं। पीएचडी में भी 35 छात्राएं और 29 छात्र शामिल हैं। संबोधन मे विद्यार्थियों से कहा कि सीखना कभी बंद मत करो, अपने ज्ञान को हमेशा अपडेट करते रहो, क्योंकि टेक्नोलॉजी बदलती रहती है पर हमारा ‘इनर सॉफ्टवेयर’ यानी हमारी सोच और चरित्र हमें जीवनभर सहारा देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि आज अवसरों की दुनिया बहुत बड़ी है। कोशिश करने से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर जोर दिया।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को कौशल आधारित, लचीली और आधुनिक शिक्षा देने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अब 4 साल का ग्रेजुएशन कोर्स विद्यार्थियों को अधिक अवसर और अधिक विशेषज्ञता प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को समाज की समस्याओं खासकर स्थानीय मुद्दों, आदिवासी क्षेत्रों और किसानों पर काम करना चाहिए।
गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन का परिणाम है।आगे भी मेहनत और ईमानदारी से समाज और देश के लिए काम करने की बात कही। विश्वविद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह एक शानदार, गरिमामय और प्रेरणादायक वातावरण मे संपन्न हुआ।




