EXCLUSIVE : सिटी कोतवाली थाना की 10 एकड़ सरकारी जमीन ‘लापता’, कागजों में 13 एकड़, मौके पर बची सिर्फ 3 एकड़!

(आशीष मौर्य संपादक) : जरा सोचिए, जिस थाने में 24 घंटे वर्दीधारी मुस्तैद रहते हैं… जहां कानून का पहरा रहता है… वहीं की 10 एकड़ सरकारी जमीन अचानक गायब हो जाए, तो आप क्या कहेंगे? जी हां, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि बिलासपुर के ऐतिहासिक सिटी कोतवाली थाने की हकीकत है। सरकारी कागजों में जो जमीन 13 एकड़ दर्ज है, मौके पर जब उसकी नाप की गई तो बची है सिर्फ 3 एकड़, आखिर कहां गई पुलिस विभाग की 10 एकड़ बेशकीमती जमीन? देखिए हमारी इस खास एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में…
बिलासपुर का सिटी कोतवाली थाना….यह सिर्फ एक पुलिस स्टेशन नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान साल 1894 में बनी इस हेरिटेज बिल्डिंग का इतिहास करीब 132 साल पुराना है। अंग्रेजी हुकूमत के समय से ही इस कोतवाली थाने के नाम पर कुल 13 एकड़ जमीन आवंटित थी, जिसका बाकायदा राजस्व रिकॉर्ड में भी उल्लेख है। लेकिन समय बदला, शहर बदला और अब इसी परिसर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत मल्टीलेवल पार्किंग भी खड़ी हो गई।
मगर इस विकास के पीछे एक ऐसा खेल हो गया जिसकी भनक किसी को नहीं लगी। लगातार हो रहे कब्जों के बीच जब पुलिस विभाग ने अपनी पैतृक जमीन की सुध ली, तो आला अफसरों के होश उड़ गए। कागजों पर जो जमीन 13 एकड़ थी, वह हकीकत में सिमटकर महज 3 एकड़ रह गई है। यानी करीब 10 एकड़ की बेशकीमती सरकारी जमीन गायब हो चुकी है, जिस पर अब पुलिस के बजाय किसी और का कब्जा है।
गगन कुमार (सीएसपी, कोतवाली)
सिटी कोतवाली थाना की भव्यता आज भी देखते ही बनती है, लेकिन बदलते वक्त और बढ़ती आबादी के लिहाज से अब यह ऐतिहासिक थाना भवन छोटा पड़ने लगा है। नए थाना भवन के निर्माण के लिए बकायदा बजट और राशि भी स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है । ऐसा नहीं है कि यह मामला पहली बार सामने आया है। इससे पहले साल 2016 में भी तत्कालीन थाना प्रभारी ने एसडीएम को पत्र लिखकर गायब जमीन खोजने की गुहार लगाई थी, जो फाइलों में ही दफन हो गई। अब एक बार फिर, कोतवाली सीएसपी आईपीएस गगन कुमार ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर पुराने राजस्व दस्तावेजों के आधार पर जमीन का दोबारा नए सिरे से सीमांकन कराने की मांग की है। बहरहाल, कब्जा की जा चुकी इस सरकारी जमीन को वापस पाने के लिए पुलिस महकमे ने अब कागजी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है।




