उत्तरप्रदेश

प्रयागराज के नए पुल में दरार, योगी ने दस घंटे पहले किया था उद्घाटन, अखिलेश ने साधा निशाना

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प्रयागराज में यूपी और एमपी को जोड़ने के लिए बनाए गए नए पुल में दरार आ गई है। इस पुल का सोमवार को ही सीएम योगी ने लोकार्पण किया था। हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री के लोकार्पण के दस घंटे बाद ही पुल में दरार दिखाई देने लगी और अब आवागमन रोक दिया गया है। अब इसकी जांच एमएनआईटी के विशेषज्ञों से कराने की बात कही जा रही है। उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही पुल में दरार को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश ने कहा कि भ्रष्टाचार के कमजोर स्तंभ पर मजबूत पुल कैसे बन सकता है।

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सीएम योगी ने प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को देखते हुए सोमवार को करोड़ों की सौगात दी थी। इन्हीं में से एक नारीबारी-कोरांव मार्ग पर टोंस नदी के ऊपर 62.56 करोड़ की लागत से बने दो लेन के पुल का भी लोकार्पण किया था। इस पुल का निर्माण 62.56 करोड़ की लागत से हुआ है।
बारा क्षेत्र के टोंस नदी पर अति पुराना पुल जर्जर हो गया था। इससे पुल पर से बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता था। इलाके की समस्या के समाधान के लिए शासन ने नया पुल बनवाया।

पुल का उद्घाटन सोमवार को ही सीएम योगी ने किया। इसी बीच पुल पर दरार दिखाई देने लगी। पुल पर पैदल मार्ग और लोहे की रेलिंग के बीच दरार के अलावा ज्वाइंट वाले स्थान पर सड़क दब गई है। इसकी जानकारी मिलते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। यातायात रोक दिया गया और मरम्मत का काम भी शुरू करा दिया गया है। एमएनआईटी के विशेषज्ञों से पुल की जांच की बात भी कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि इसके एप्रोच रोड और पुल के बीच ज्वाइंटर में काफी स्पेस आ गया है। इससे वाहनों का आवागमन रोकना पड़ा है। प्रयागराज के बारा, मेजा और कोरांव तहसील को मध्य प्रदेश सीमा क्षेत्र से जोड़ने के लिए इसे बनाया गया है।

डिप्टी सीएम केशव के प्रयास से बना था
यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस पुल के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराया था। शासन से बजट मंजूर कराया गया और एक महीने पहले ही यह बनकर तैयार हुआ था। फिलहाल पुल में दरार आने के बाद प्रयागराज के जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है। डीएम नवनीत सिंह चहल का कहना है कि पहले तो पुल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण में कैसे खामियां आईं, इसकी तकनीकी जांच एमएनएनआईटी के विशेषज्ञों से कराई जाएगी।

गुजरात का विकास मॉडल यहां न लगाएंः अखिलेश
मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण के दस घंटे के अंदर ही पुल में दरार आने पर विपक्षी पार्टियां भी योगी सरकार पर हमलावर हो गई हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हमला करते हुए कहा कि प्रयागराज में मुख्यमंत्री द्वारा उद्धाटित पुल का 10 घंटे में ही दरक जाना एक गंभीर विषय है, जबकि कुंभ मेले का समय पास आता जा रहा है। भ्रष्टाचार के कमजोर स्तंभों पर मज़बूत पुल कैसे बन सकते हैं? गुजरात में भी ऐसा ही हुआ था। जन-जीवन की सुरक्षा के लिए आग्रह है, ‘गुजरात का विकास मॉडल’ यहां न लगाया जाए।

सीएम के लोकार्पण के बाद बनने लगी दिघिया आरओबी की सड़क
दिघिया आरओबी को लेकर भी अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। इसका भी लोकार्पण सीएम योगी के हाथों सोमवार को करा दिया गया। जबकि अभी इसकी सड़क भी नहीं बनी है। आरओबी पर लाइट की व्यवस्था भी नहीं हुई है। लोकार्पण के दूसरे दिन दिघिया आरओबी की सड़क बनने लगी है। शीघ्र ही इस आरओबी पर प्रकाश की व्यवस्था भी हो जाएगी।

सोमवार को सीएम योगी ने दिघिया आरओबी का भी लोकार्पण किया था। लोकार्पण के दूसरे दिन मंगलवार सुबह ही इस आरओबी की सड़क बननी शुरू हो गई। इस आरओबी पर पिछले दो माह से बिना लोकार्पण के ही आवागमन जारी था, लेकिन अभी तक न तो आरओबी की सड़क ठीक से बन पाई थी और न ही आरओबी पर बिजली की व्यवस्था की गई थी।

मौजूद अधिकारियों ने जानकारी दी कि शीघ्र ही पुल पर बिजली की भी व्यवस्था कर दी जाएगी, ताकि रात में राहगीरों को परेशानी न उठानी पड़े। इस आरओबी से दिघिया से रामनगर, सिरसा तक के लगभग तीन दर्जन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को आवागमन में काफी सुविधा हो गई है।

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