अवैध वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद आरक्षक निलंबित, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह अपनी ईमानदारी और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। लेनदेन या अवैध वसूली जैसे मामलों में शिकायत मिलते ही दोषी पुलिसकर्मियों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में पचपेड़ी थाना के आरक्षक गजपाल जांगड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह पैसे गिनते हुए और सामने रखे हुए नोटों के साथ दिखाई दे रहा है। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आते ही, आरक्षक गजपाल जांगड़े को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, साथ ही मुख्यालय को प्राथमिक जांच के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि निलंबन के बाद भी थानों में अवैध वसूली का खेल जारी बताया जा रहा है। ताज़ा आरोप फिर पचपेड़ी थाना क्षेत्र से ही सामने आए हैं, जहाँ आरक्षक गजपाल जांगड़े, हरवेंद्र खूंटे, अजय मधुकर और मुरीत बघेल पर किसान से दो लाख रुपये वसूली का आरोप लगा है।
मानिक चौरी निवासी जोगी नायक ने आरोप लगाया है कि चारों आरक्षकों ने उसे 6 अक्टूबर को अपने शासकीय आवास बुलाकर धमकाया और कहा कि उसके खिलाफ गुंडा-बदमाश और आबकारी एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से बचाने के नाम पर ₹2 लाख की मांग की गई, जिसके बाद उसने अपना खेत गिरवी रखकर ₹1 लाख नकद दिए।
पीड़ित के मुताबिक, रुपये देने के बावजूद उसके खिलाफ झूठी आबकारी कार्रवाई दर्ज कर दी गई। वायरल वीडियो में भी आरक्षक गजपाल जांगड़े को एक महिला से पैसे लेते हुए साफ देखा जा सकता है।
पीड़ित ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




