सुशासन तिहार में दी शिकायत, फिर भी नहीं मिला न्याय: ग्रामीणों ने माइनिंग इंस्पेक्टर पर लगाया गंभीर आरोप

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर जिले के ग्राम चिचिरदा से एक गंभीर शिकायत सामने आई है। सुशासन तिहार के तहत आवेदन देने के बावजूद, ग्रामीणों का कहना है कि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है। मामला खनिज विभाग से जुड़ा है, जहां माइनिंग इंस्पेक्टर पर फर्जी पंचनामा तैयार करने और प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।
ग्राम चिचिरदा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों ने सुशासन तिहार के दौरान दो अलग-अलग आवेदन दिए। आवेदन में खसरा नंबर 358 में हीरामणी दुबे द्वारा कथित रूप से अवैध उत्खनन और ब्लास्टिंग की शिकायत की गई। वहीं दूसरे आवेदन में फर्जी प्रस्ताव के आधार पर खदान लीज पर लेने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि माइनिंग इंस्पेक्टर राजू यादव ने 27 अप्रैल को रविवार, यानी छुट्टी के दिन, बिना पूर्व सूचना के गांव पहुंचकर सीमांकन किए बिना फर्जी पंचनामा तैयार कर दिया। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद पंचनामा पर गांव के कुछ व्यक्तियों और सरपंच से हस्ताक्षर लेकर इसे दस्तावेजों में प्रस्तुत कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर आवेदन में दर्ज थे, लेकिन सूचना नहीं दी गई। फर्जी सीमांकन का विरोध किया, फिर कहा गया कि अगली सुबह पटवारी के सामने सीमांकन होगा… लेकिन दूसरे दिन न वो आए, न फोन उठाया।”
ग्रामीणों ने बताया कि 28 अप्रैल को सुबह 10.30 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक पटवारी और ग्रामीण मौके पर इंतजार करते रहे लेकिन खनिज निरीक्षक नही आये. न कॉल का जवाब दिया। गांव के निवासी रवि प्रकाश कौशिक समेत अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि सीमांकन आर.आई., पटवारी और तहसीलदार की मौजूदगी में किया जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खसरा नंबर 358 में लगातार अवैध उत्खनन किया जा रहा है। सुशासन तिहार में शिकायत देने के बावजूद, न्याय नहीं मिल रहा, तो प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे है.




