छत्तीसगढ़

जशपुर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी बदलो राजधानी में गणेश राम भगत समर्थकों का हल्ला बोल

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रायपुर/जशपुर – जशपुर सीट पर भाजपा की ओर से रायमुनि भगत के टिकट की घोषणा के बाद जशपुर का सियासी पारा उफान पर है।पूर्व मंत्री गणेश राम भगत समर्थकों ने रायपुर कूच करते हुए प्रदेश भाजपा कार्यालय के सामने ढोल नगाड़ा बजाकर टिकट परिवर्तन की मांग करते दिखाई दे रहे हैं।

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दरअसल विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी के द्वारा जशपुर विधानसभा के लिए घोषित प्रत्याशी श्रीमति रायमुनि भगत को बदलकर जशपुर व पार्टी के हित में वर्षों से कार्य कर रहे पूर्व मंत्री गणेश राम भगत जी को प्रत्याशी बनाये जाने की मांग की जा रही है।

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भगत समर्थकों का कहना है कि केवल जशपुर विधानसभा ही नहीं बल्कि पूरे देश में पूर्व मंत्री गणेश राम भगत के द्वारा आदिवासी समाज एवम् हिन्दू धर्म के उत्थान का कार्य किया जा रहा है। चूंकि जशपुर जिले में 60 प्रतिशत से भी अधिक आदिवासी मतदाता हैं।

वहीं लगातार उनके धर्मान्तरण का खेल चल रहा है ऐसी स्थिति में न केवल भाजपा का बल्कि हिन्दू स्वाभिमान की रक्षा के लिए जशपुर विधानसभा में ऐसे प्रत्याशी की अवश्यकता है जो न केवल चुनाव जीतकर प्रदेश में भाजपा का परचम लहराए बल्कि जशपुर विधानसभा के हिन्दू मतदाताओं के स्वाभिमान की रक्षा भी कर सके।

समर्थकों ने अपने ज्ञापन में बताया है कि ठीक इसके विपरीत भाजपा के द्वारा जशपुर विधानसभा से जिस प्रत्याशी श्रीमति रायमुनि भगत को घोषित किया गया है। उनका विरोध न केवल मतदाताओं में है बल्कि संगठन में भी है।इसलिए संगठन के लगभग 35 पदाधिकारियों के द्वारा सह प्रभारी नितिन नवीन एवम् जिला अध्यक्ष भाजपा जिला जशपुर को टिकट घोषणा होने के पूर्व ही अपना विरोध पत्र दिया था। लेकिन इन सभी विषयो को अनदेखा करते हुए पार्टी के द्वारा रायमुनि भगत को टिकट दिया गया है जिससे जशपुर की जनता काफी आक्रोशित हैं। इसका प्रमाण यह भी है कि 9 अक्टूबर को टिकट घोषणा होने के बाद से 5 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई पदाधिकारी प्रत्याशी के साथ प्रचार में नहीं निकल रहे हैं।

समर्थकों की मांग है कि आज हम जशपुर विधानसभा के विभिन्न जाति समुदाय के प्रतिनिधि रायपुर प्रदेश कार्यालय आकर आपसे मांग करते हैं कि जल्द से जल्द जशपुर विधानसभा का प्रत्याशी बदलते हुए योग्य एवम् जीतने वाले गणेश राम भगत को जशपुर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया जाए।

बहरहाल कई क्षेत्रों से प्रत्याशी चयन को लेकर संगठन को खासे विरोध का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में संगठन यदि पुनर्विचार नहीं करती है तो जशपुर जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर इसका बड़ा दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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