छत्तीसगढ़

CGMSC घोटाला : 550 करोड़ के ‘हमर लैब’ फर्जीवाड़े में 3 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर – CGMSC घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ‘हमर लैब’ योजना के तहत मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में हुए भारी घोटाले से जुड़ी है।गिरफ्तार आरोपियों में रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, पंचकुला के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, श्री शारदा इंडस्ट्रीज रायपुर के प्रोप्राइटर राकेश जैन और रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स के लाईजनर प्रिंस जैन शामिल हैं, जो शशांक चोपड़ा का जीजा बताया जा रहा है।

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जांच में सामने आया है कि जिला अस्पतालों, सीएचसी, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ‘हमर लैब’ योजना के अंतर्गत मेडिकल उपकरणों की खरीदी में पुल टेंडरिंग के जरिए मोक्षित कॉर्पोरेशन को फायदा पहुंचाया गया। आरोप है कि इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर में हिस्सा लेकर आपसी मिलीभगत और कार्टेलाइजेशन के माध्यम से प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया।

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टेंडर प्रक्रिया में तीनों फर्मों द्वारा समान पैटर्न में उत्पादों, पैक-साइज, रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स का विवरण भरा गया। दरें भी तय रणनीति के तहत कोट की गईं, जिससे मोक्षित कॉर्पोरेशन को सबसे कम दरदाता बनाकर ठेका दिलाया गया।इसके बाद मोक्षित कॉर्पोरेशन द्वारा CGMSC को एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर सामग्री की आपूर्ति कर लगभग 550 करोड़ रुपये की शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया।

 

गिरफ्तार आरोपियों को 19 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रायपुर में पेश किया गया, जहां से 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़ी ‘हमर लैब’ योजना में हुए इस घोटाले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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