बिलासपुर

रेलवे अधिकारियों की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के हाई-प्रोफाइल आयोजन में भारी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे अधिकारियों के लिए आयोजित ऑफिसर्स स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट अब फूड पॉइजनिंग कांड में तब्दील हो गया है। कार्यक्रम में शामिल जोन और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और उनके परिजन अचानक बीमार पड़ गए। स्थिति इतनी गंभीर रही कि 25 से ज्यादा अधिकारियों और उनके परिवारजनों को देर रात रेलवे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।17 और 18 जनवरी 2026 को SEERSA द्वारा रेलवे मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ।

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लेकिन समापन के कुछ ही घंटों बाद कार्यक्रम में परोसे गए भोजन ने रेलवे अफसरों को अस्पताल पहुंचा दिया।उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायतों से अधिकारी तड़पते रहे। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के SDGM मनोज गुरुमुखी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके परिजन भी अस्वस्थ बताए जा रहे हैं।

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वहीं APO रंजन समेत 25 से 30 अधिकारी और परिजन बीमार हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक एडीआरएम सहित कई वरिष्ठ मंडलीय अधिकारी भी फूड पॉइजनिंग की चपेट में आए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कार्यक्रम के लिए 300 प्लेट भोजन का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन रात में सिर्फ 100 लोगों ने ही भोजन किया।इसके बावजूद इतने बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग होनाभोजन की गुणवत्ता और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के मुताबिक यह भोजन कोर्टयार्ड बाय मैरियट, बिलासपुर से मंगाया गया था।

यही नहीं इसी कैटरर को 22 जनवरी को होने वाली MP मीटिंग के लिए भी भोजन का ऑर्डर दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है क्या रेलवे प्रशासन दोबारा उसी कैटरर पर भरोसा करेगा? हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्वास्थ्य संकट के बावजूद रेलवे के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। ना भोजन की गुणवत्ता पर कोई आधिकारिक बयान, ना जांच को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी।अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में दबा दिया जाता है।

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