छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून : भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ में इस समय मानसून सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक प्रदेश भर में मौसम का मिज़ाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की है।
“उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 अगस्त से पूरे प्रदेश में वर्षा की गतिविधि और भी तेज़ हो जाएगी।
पिछले 24 घंटों में बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई।”
“प्रदेश में सबसे ज़्यादा बारिश कापू में 13 सेमी दर्ज की गई।कुसमी में 12 सेमी, दौरा कोचली में 9 सेमी, वहीं अंबिकापुर और चांदो में 8-8 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। मनेंद्रगढ़, पौड़ी उपरोरा, पेंड्रा रोड और बलरामपुर समेत कई स्थानों पर 7 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा जशपुर, बगीचा, केल्हारी और दरिमा सहित अनेक जिलों में 4 से 6 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।अधिकतम तापमान की बात करें तो दुर्ग में 31.6 डिग्री सेल्सियस सबसे ज़्यादा दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी दुर्ग में ही 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।”
“मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है।इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है, जो दक्षिण की ओर झुक रहा है।
इसके अलावा, औसत समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है।”
“मौसम विभाग ने आज यानी 25 अगस्त के लिए चेतावनी जारी की है।प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी।लेकिन एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना भी है।लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने पर घर से बाहर निकलने से बचें,खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से परहेज़ करें और सुरक्षा का ध्यान रखें।”छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम का मिज़ाज नम रहने वाला है।बरसात का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आएगा, लेकिन साथ ही सावधानी बरतना भी ज़रूरी है।




