गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

कलेक्टर के आश्वासन पर जिला प्रेस क्लब का छह दिवसीय जनआंदोलन स्थगित, पेंड्रा बायपास निर्माण को लेकर मिला सकारात्मक भरोसा

(शैलेश सोनी) : गौरेला–पेंड्रा–मरवाही। वर्षों से लंबित पेंड्रा बायपास सड़क निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के नेतृत्व में 10 जुलाई से दुर्गा चौक, पेंड्रा में चल रहा क्रमिक भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। जिला कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा बायपास निर्माण के संबंध में सकारात्मक पहल, त्वरित प्रशासनिक प्रयासों का आश्वासन तथा आगामी बजट में परियोजना को शामिल कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने के भरोसे के बाद जिला प्रेस क्लब ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

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गौरतलब है कि वर्ष 2018 में स्वीकृत 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बायपास का निर्माण वर्षों से लंबित है। नगर के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण लगातार बढ़ती यातायात समस्या, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका और आमजन की परेशानी को देखते हुए जिला प्रेस क्लब ने इस मुद्दे को जनहित से जोड़ते हुए आंदोलन शुरू किया था। 10 जुलाई से प्रारंभ हुए इस क्रमिक भूख हड़ताल में प्रतिदिन पत्रकारों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठन, व्यापारी संगठन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल होकर अपना समर्थन दे रहे थे।

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आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम हस्तलिखित पोस्टकार्ड अभियान भी चलाया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों, पत्रकारों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पोस्टकार्ड लिखकर शीघ्र बायपास निर्माण की मांग शासन तक पहुंचाई। इस अभिनव अभियान ने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाया और प्रदेश स्तर पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता मिली।

 

पेंड्रा बायपास का मुद्दा विधानसभा तक भी पहुंचा। तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य ठाकुर धरमजीत सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस विषय को विधानसभा के पटल पर उठाते हुए कहा कि स्वीकृत बायपास के निर्माण में वर्षों की देरी तथा पत्रकारों को भूख हड़ताल पर बैठने की नौबत आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके द्वारा विधानसभा में उठाए गए इस मुद्दे के बाद शासन स्तर पर भी मामले ने गंभीरता प्राप्त की।

 

जनआंदोलन को मिल रहे व्यापक समर्थन और बढ़ते जनदबाव के बीच जिला कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को अपने कार्यालय में चर्चा के लिए आमंत्रित किया। बैठक में उन्होंने बायपास निर्माण की मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि परियोजना को आगामी बजट में शामिल कराने के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा। साथ ही बरसात समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की दिशा में गंभीर पहल किए जाने का भरोसा भी दिलाया। बैठक के दौरान जिला प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों ने नगरवासियों की समस्याओं और बायपास निर्माण की आवश्यकता से संबंधित सभी तथ्य विस्तार से रखे, जिस पर कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 

कलेक्टर के आश्वासन के बाद एसडीएम अमित बेक तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल की जानकारी देते हुए पत्रकारों से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। प्रशासन के आश्वासन पर विश्वास व्यक्त करते हुए जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सर्वसम्मति से क्रमिक भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।

 

जिला प्रेस क्लब गौरेला–पेंड्रा–मरवाही ने कहा कि यह आंदोलन किसी संगठन विशेष का नहीं, बल्कि पूरे जिले के नागरिकों की सुरक्षा, सुगम यातायात और क्षेत्र के विकास से जुड़ा जनआंदोलन था। आंदोलन के माध्यम से वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना को शासन और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रेस क्लब ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप बरसात के बाद पेंड्रा बायपास सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।

 

इस अवसर पर जिला प्रेस क्लब ने जिला कलेक्टर विजय दयाराम के. एसडीएम अमित बेक, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे तथा जिला प्रशासन का सकारात्मक पहल के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही विधानसभा में पेंड्रा बायपास का मुद्दा उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

जिला प्रेस क्लब ने जनआंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न कर्मचारी एवं युवा संगठनों, पत्रकार साथियों तथा गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले की जागरूक जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित की इस लड़ाई में जिलेवासियों के अभूतपूर्व समर्थन ने यह सिद्ध कर दिया है कि पेंड्रा बायपास अब केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पूरे जिले की सामूहिक जनभावना का मामला है.

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