डीजल चोरी कांड में बड़ा खेल! रातभर थाने में रखने के बाद 3 आरोपी छोड़े, प्रेस नोट में दिखाया ‘फरार’, ASI सस्पेंड

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर:-कोनी थाना क्षेत्र में ट्रेलर वाहनों से डीजल चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के मामले में पुलिस की कार्रवाई खुद सवालों के घेरे में आ गई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने इस मामले में गंभीर लापरवाही और संदिग्ध आचरण बरतने पर विवेचक सहायक उपनिरीक्षक उमेश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है।

कोनी पुलिस ने भदौरियाखार बरपालीगांव में दबिश देकर बैसाखू लोनिया, उसके पुत्र राजू, राजेश और भानु लोनिया सहित अन्य को हिरासत में लिया था। आरोप है कि इन्हें हथकड़ी लगाकर थाने लाया गया और रातभर कस्टडी में रखा गया।
थाने से रिहाई और फर्जी प्रेस नोट:-रविवार सुबह कथित लेनदेन के बाद बैसाखू, राजू और राजेश को थाने से चुपचाप छोड़ दिया गया। इसके बाद 12 जुलाई को पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केवल भानु लोनिया और शिवप्रसाद उर्फ छोटू को जेल भेजने का दावा किया, जबकि थाने से छोड़े गए तीन आरोपियों को पुलिस को चकमा देकर ‘फरार’ बता दिया गया।
सच सामने आने पर हड़कंप, जांच शुरू:- मामले का खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि एएसआई उमेश उपाध्याय ने वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर पांच में से तीन आरोपियों को बिना बताए छोड़ दिया। एसएसपी ने विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में थाने के अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।




