अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों में खूनी संघर्ष, एक बाघ की मौत से मचा हड़कंप

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में दो से ढाई साल उम्र के बाघों के बीच खूनी संघर्ष के बाद एक बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। ट्रैप कैमरों में दोनों बाघ गंभीर रूप से घायल दिखाई दे रहे थे। एटीआर प्रबंधन की टीम घायल बाघों की तलाश में जंगल में निकल गई, लेकिन इसी दौरान उन्हें तीसरे बाघ का शव मिला। बाघों की सुरक्षा के लिए संरक्षित क्षेत्र में इस तरह की मौत को बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है। मृत बाघ का पोस्टमार्टम सोमवार को पशु चिकित्सकों की टीम करेगी।मृत बाघ का शव अचानकमार रेंज के कक्ष क्रमांक 120 आरएफ में मिला। शव पूरी तरह सड़ा हुआ था, जिससे मौत की सही तारीख का अनुमान लगाना मुश्किल है। हैरानी की बात यह है कि टाइगर रिजर्व के अधिकारी या कर्मचारियों को इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। ट्रैप कैमरों में दो बाघों के बीच खूनी संघर्ष की तस्वीरें आने के बाद ही प्रबंधन हरकत में आया।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या हमेशा कम रही है। वर्तमान में प्रबंधन के अनुसार 18 बाघों में से अब केवल 17 ही बचे हैं। विशेषज्ञ इस घटना को प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम मान रहे हैं। ट्रैप कैमरों में लगी चिप से तस्वीरें निकालकर कंप्यूटर सिस्टम में सुरक्षित रखी जाती हैं। इसी प्रक्रिया में दो बाघों के बीच संघर्ष की तस्वीरें सामने आईं और प्रबंधन ने तुरंत सर्च टीम भेजी।दो बाघों के बीच संघर्ष की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है और पूरी टीम घायल बाघों की तलाश में लगी है। उनका जल्द उपचार करना जरूरी है, नहीं तो जख्म घातक साबित हो सकते हैं।
प्रबंधन ने फोर्स के सदस्यों को वाहन और संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन सुरक्षा और निगरानी में फोर्स खरा नहीं उतर रही है। अफसरों और अमले ने घटनास्थल पर जाकर शव का परीक्षण और आसपास क्षेत्र की सचिंग की। प्रथम दृष्टया अनुमान है कि बाघ का शिकार नहीं किया गया है।एक साल पहले 25 जनवरी को भी अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौत हुई थी। उस घटना में भी बाघ से संघर्ष को मौत का कारण माना गया था। उस समय पोस्टमार्टम में गर्दन और शरीर पर दांत व खरोंच के निशान मिले थे।
डिप्टी डायरेक्टर यूआर गणेश के अनुसार, मृत बाघ के शरीर के अन्य अंगों की स्थिति को देखते हुए प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष को ही मौत का कारण माना जा रहा है। सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगी।अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बाघों की कम होती संख्या और इस तरह की घटनाओं से प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी दबाव बढ़ गया है। मृत बाघ का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।




