बिलासपुर

नियम ताक पर रख एटीआर में पार्टी पिकनिक की छूट, 1 नवंबर से पहले हो रही आवाजाही

 

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(भूपेंद्र सिंह राठौर/प्रदीप भोई) : बिलासपुर – अचानकमार टाइगर रिज़र्व एक नवंबर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। लेकिन सच्चाई ये है कि पहले ही जंगल के दरवाजे खुले पड़े हैं। नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं और वन विभाग के अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हैं।

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बिलासपुर और मुंगेली जिले का गौरव कहा जाने वाला अचानकमार टाइगर रिज़र्व। जहां वन्यजीवों की सुरक्षा के कड़े नियम बनाए गए हैं। लेकिन इन नियमों की हालत देखिए नियंत्रण है, न निगरानी। जंगल के मुख्य रास्तों पर गेट तो बनाए हैं, जिनका कोई मतलब ही नहीं बचा। हमारी टीम ने जब मौके पर जाकर हालात देखे, तो पाया कि बाइक और चारपहिया वाहन बिना किसी रोक-टोक के अंदर जा रहे हैं। नशे में धुत युवक, स्थानीय ग्रामीण और आसपास के इलाकों के लोग खुलेआम जंगल के भीतर फर्राटे से गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। कहीं शराबखोरी चल रही है, तो कहीं पिकनिक का मज़ा लिया जा रहा है। सब कुछ टाइगर रिज़र्व के अंदर धड़ल्ले से चल रहा!

वन विभाग के अधिकारी भले ही सख्ती के दावे करें, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है। एक नवंबर से जब आम पर्यटकों को एंट्री दी जाएगी, उससे पहले ही यहां बेतहाशा आवागमन जारी है। इस लापरवाही ने न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ा दिया है, बल्कि पूरे रिज़र्व की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।

अचानकमार टाइगर रिज़र्व में ये खुली लापरवाही अब सवाल बन गई है क्या जंगल की सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है? या फिर किसी खास वर्ग को संरक्षण देकर नियमों को ताक पर रखा जा रहा है? अब देखना होगा कि वन विभाग इस खुली ढिलाई पर कब जागता है या फिर ये गेट सिर्फ दिखावे के लिए है।

 

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