कलेक्टर कॉन्फ्रेंस : शिक्षा की गुणवत्ता, ड्रॉपआउट कम करने और स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर.

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस चल रही है। यह बैठक रविवार को समय से पहले शुरू हुई, जिसमें मुख्य सचिव, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और जिले के कलेक्टर मौजूद हैं।बबैठक में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्कूलों में ड्रॉपआउट कम किया जाए और Gross Enrolment Ratio को 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग को मिलकर बालवाड़ियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को दी जाने वाली शिक्षण सामग्री अलमारियों में बंद न रहे, बल्कि उसका व्यवहारिक उपयोग शिक्षण कार्य में किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की पहल की सराहना की, जहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से बच्चों को गोंडी भाषा में प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। इस प्रयास से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट दर में कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों के APAR ID बनाए जाएँ।
उन्होंने घोषणा की कि राज्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा परिणाम सुधार के लिए कलेक्टर्स को जिला स्तर पर विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान रायगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिलों के नवाचारों की सराहना की गई — जहाँ नियमित मंथली टेस्ट, कमजोर विद्यार्थियों के लिए एक्स्ट्रा क्लास और हॉस्टल में अतिरिक्त अध्ययन सत्र आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपाय करें, शाला विकास समितियों और अभिभावकों को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।




