उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा की, दीपावली से पहले वेतन भुगतान के निर्देश, विकास कार्यों में लेटलतीफी पर सख्ती

नवा रायपुर में उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने दीपावली से पहले सभी नगरीय निकायों के कर्मचारियों को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अरुण साव ने मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्य पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्य तय समयसीमा और पूर्ण गुणवत्ता के साथ धरातल पर नजर आने चाहिए।
बैठक में सचिव बसवराजु एस. और संयुक्त सचिव रेणुका श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और गोधाम योजना को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण बढ़ाने की समग्र कार्ययोजना तैयार करने और इसके लिए राज्य प्रवर्तित योजना से राशि आबंटित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा करते हुए साव ने एनर्जी बिल ऑडिट की स्थिति का जायजा लिया और सरचार्ज से हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सीएमओ, लेखापाल और अभियंताओं के विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवगठित नगरीय निकायों के लिए आधारभूत सुविधाओं और वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही नालंदा परिसरों, अटल परिसरों और बजट योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। साव ने कहा कि सरकार निकायों को भरपूर आर्थिक सहायता दे रही है, इसलिए अधिकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को जल्द लाभ मिले।
बैठक में पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती और वर्गीकरण जैसे प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने 21 नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं और एसटीपी निर्माण की समीक्षा करते हुए डीपीआर और आरएफपी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।साथ ही मिशन अमृत 2.0 के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की निकायवार समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिला कलेक्टरों के माध्यम से निर्माण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जाए।
अंत में, उन्होंने नगरीय निकायों की संपत्तियों, मशीनरी और वाहनों की ऑडिट करने, व्यावसायिक परिसरों के सुचारू संचालन और मुक्तिधामों को सभी मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए। बैठक में सूडा के सीईओ शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त सीईओ दुष्यंत रायस्त, उप सचिव ऋतु वर्मा, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा उपस्थित थे।




