बिलासपुर

भोंदु दास मामले का आरोपी सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा का एक और कारनामा, पंजीयन कार्यालय के दस्तावेज मे की कुटरचना 5 के खिलाफ मामला दर्ज.

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर – शासकीय जमीन का खसरा और दस्तावेजों मे कूटरचना,छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपये का खेल करने वाला सुरेश कुमार उर्फ़ बब्बू मिश्रा का एक और कारनामा सामने आया है. आरोपी सुरेश मिश्रा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एस.ई.सी.एल के सेवनिवृत्त अधिकारी अरुण दुबे के साथ धोखाधड़ी, कूटरचना, षड़यंत्र सहित शासकीय दस्तावेज मे कांटछाट की घटना वर्ष 1999 की.जिसकी रिपोर्ट पर सरकंडा पुलिस ने भोंदु दास मामले के मुख्य आरोपी सुरेश उर्फ बब्बू मिश्रा सहित उसका सहयोग करने वाले मनोज कुमार दुबे, राजेश कुमार मिश्रा, संजय कुमार श्रीवास्तव सहित दस्तावेज लेखक महेन्द्र सिंह ठाकुर सहित अन्य के खिलाफ 420,467,468,471और 120B का मामला दर्ज किया है.

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वर्ष 1999 मे पीड़ित अरुण दुबे ने आरोपी सुरेश कुमार उर्फ़ बब्बू मिश्रा से खसरा नम्बर 404 मे से रकबा 3000 वर्गफुट भूमि क्रय किया. सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा ने अरुण दुबे से कहा की जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण डायवर्सन सहित उक्त भूमि मे बाउंड्रीवाल करके देगा,रजिस्ट्री दिनांक के बाद अरुण दुबे नौकरी करने सूरत गुजरात चले गए. रजिस्ट्री के 1 साल बाद जब अरुण दुबे बिलासपुर आए तो आरोपी सुरेश मिश्रा ने उक्त भूमि का खसरा पंचशाला साल सहित समस्त दस्तावेज उसे प्रदान किया.आरोपी सुरेश उर्फ बब्बू मिश्रा ने रजिस्ट्री के दौरान ही पंजीयन कार्यालय में रखें रजिस्ट्री के पेपर में खसरा नंबर 404 की जगह खसरा नंबर 429/2 कर दिया.और क्रेता अरुण दुबे को एक साल बाद खसरा नंबर 404 लिखा रजिस्ट्री ला मूल पेपर दे दिया.वर्ष 2016 में अरुण दुबे का स्थानांतरण एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर हो गया. और वर्ष 2017 में वह रिटायर हो गए. वर्ष 2018 में वें नागपुर महाराष्ट्र में सह परिवार शिफ्ट हो गए.

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जमीन के दस्तावेजो मे कुटरचना करने का मास्टर माइंड है सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा:-मोपका स्थित खसरा नम्बर 404 का आरोपी सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा ने वर्ष 1999 मे भूमिस्वामी रामफल उर्फ़ हगरू से पंजीकृत पावर ऑफ ऑटर्नी लिया.खसरा नम्बर 404 की भूमि का विक्रय सुरेश मिश्रा ने अरुण कुमार दुबे को किया लेकिन उस रजिस्ट्री पेपर मे कूट रचना कर सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा ने धनीराम साहू पिता अवध राम साहू की भूमि खसरा नम्बर 429/2 का उल्लेख कर दिया.

खसरा 404 की जगह कुटरचना कर किया गया ख़सरा नम्बर 429/2

 

आवेदक अरुण दुबे ने वर्ष 2024 मे की रजिस्ट्री तब हुआ मामले का खुलासा:-अरुण कुमार दुबे ने वर्ष 2024 को अपने सावमित्व हक़ की भूमि खसरा नम्बर 404/4 की पॉवर ऑफ ऑटर्नी के माध्यम से रजिस्ट्री की तब नामांतरण के दौरान इस पुरे मामले का खुलासा हुआ. जिसके बाद पीड़ित अरुण कुमार दुबे मे आरोपी सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा और अन्य के खिलाफ सरकंडा थाने मे 2 अक्टूबर 2024 को मामले की शिकायत की.

 

थाने मे पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी ने आरोपी को बचाने किया खेल, प्रार्थी से लिए एक लाख रुपये नगद, शिकायत के बाद एसपी ने थाने से हटाया:- पीड़ित अरुण कुमार दुबे ने बताया कि मामले में शिकायत के बाद जांच का जिम्मा सरकंडा थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी को दिया गया था. पहले तो दिनेश तिवारी ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है और इसमें आरोपी सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.ऐसा कहकर जांच अधिकारी दिनेश तिवारी ने प्रकरण में खर्च लगने की बात कहते हुए एक लाख रूपये नगद ले लिए और प्राथी को डराने लगा.अपनी जमीन को वापस पाने पार्थी ने पैसा देना ही उचित समझा.पीड़ित प्रार्थी ने बताया कि वह नागपुर में रहते हैं.बार-बार उन्हें थाना बुलाया जा रहा था. सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी के द्वारा नगद एक लाख रुपये देने के बाद ही आरोपी सुरेश कुमार मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही गई थी. लेकिन बाद में सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी ने आरोपी से साठ गाठ कर मामले को दबा दिया. जिसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक से की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी से प्रकरण वापस लेकर जांच का जिम्मा उप निरीक्षक कृष्णा साहू को दिया और शिकायत पर जाँच बैठा दी.1 महीने तक चली जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हुआ,भोंदु दास मामले के मुख्य आरोपी सुरेश मिश्रा की काली करतूत सामने आ गई. सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी को पैसे देकर मामले को दबाने की शिकायत पर एसपी ने सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी का तबादला रतनपुर कर दिया.

सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी

 

आरोपी सुरेश मिश्रा को बचाने ASI दिनेश तिवारी के खिलाफ जाँच शुरू:-शिकायतकर्ता अरुण कुमार दुबे ने अपने शिकायत मे लिखा की ASI दिनेश तिवारी ने 2 अक्टूबर को किये गए शिकायत को करीब 9 महीने तक दबाकर रखा रहा. और आरोपी से लेनदेन कर उसको बचाने आरोपी के पक्ष मे विवेचना शुरू कर दी.थाना प्रभारी सरकंडा नीलेश पांडेय को भी जाँच अधिकारी दिनेश तिवारी गुमराह करके रखा और आरोपी को बचाने मे लगा रहा.

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर हुई जाँच

 

आरोपी सुरेश मिश्रा और प्रार्थी की सेटिंग कराने मे लगा था ASI दिनेश तिवारी:- पीड़ित अरूण दुबे ने बताया की आरोपी सुरेश मिश्रा से सेटिंग करने ASI दिनेश तिवारी ने कई बार दबाव बनाया.जब बात नहीं बनी तो ASI दिनेश तिवारी ने उनका शिकायत और बयान को ही बदल दिया. जिसकी जानकारी लगने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत आईजी और एसपी कार्यालय मे की. शिकायत के बाद एसपी ने घटना की जानकारी थाना प्रभारी सरकंडा से ली. प्रथमदृश्टिया सहायक उप निरीक्षक दिनेश तिवारी पर लगे आरोप गंभीर होने के कारण एसपी ने ASI का ट्रांसफर सरकंडा से रतनपुर कर दिया.

आरोपी सुरेश उर्फ बब्बू मिश्रा

 

आरोपी सुरेश उर्फ़ बब्बू मिश्रा के खिलाफ पूर्व मे दर्ज है आधा दर्जन मामले:-चिल्हाटी और लगरा की जमीनों का फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी सुरेश मिश्रा और हैरी जोसफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था । दोनो के खिलाफ 2 वर्ष पूर्व प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद से हो दोनो फरार हो गए थे।अधिवक्ता प्रकाश सिंह ने ग्राम मोपका, चिल्हाटी, लगरा की सरकारी जमीन का फर्जी तरीके नामांतरण किए जाने की शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद IG बिलासपुर ने जांच के लिए टीम गठित की।

आईजी, एसपी से हुई ASI दिनेश तिवारी की शिकायत

 

जांच टीम द्वारा किए गए जांच के आधार पर ग्राम मोपका स्थित भूमि खसरा नम्बर 1859/1 रकबा 1.03 एकड़ पर पंजीयन कार्यालय के मूल अभिलेख में कूट रचना कर अज्ञात आरोपियों द्वारा जमीन की खरीदी बिक्री करने का मामला सामने आया था.जमीन हड़पने और कूटरचना के आरोपी के खिलाफ सरकंडा थाने मे ही 4 से अधिक अपराध क्रमांक1530/2021,0250/2022,0251/2022,0114/2022 धारा 420,467,468,471 120B दर्ज है.

निलेश पाण्डेय (टीआई, सरकण्डा)

टीआई सरकंडा के सुपरवीजन मे हुई जाँच :- आरोपी सुरेश उर्फ बब्बू मिश्रा के पक्ष में जांच करने वाले ASI दिनेश तिवारी का तबादला होने के बाद,थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने प्रार्थी अरुण दुबे की शिकायत की जाँच करवाई,और मामले मे कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुरे मामले का पर्दाफाश किया.जबकि ASI दिनेश तिवारी आरोपी सुरेश उर्फ बब्बू मिश्रा से साठगाठ कर उसके पक्ष में विवेचना कर रहा था, और यह भी जानकारी मिल रही है कि दिनेश तिवारी ने आरोपी को क्लीन चिट भी दे दिया था. लेकिन जब मामले की शिकायत पीड़ित ने आईजी एसपी की तो पूरे मामले की तह तक जांच की गई. इसके बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. और आरोपी का चेहरा बेनकाब हुआ।

 

 

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