सरकारी राशन में मनमानी और अभद्रता – सरपंच की शिकायत के बाद भी नहीं जागा विभाग

(भूपेंद्र सिंह राठौर/ जय साहू) : बिलासपुर – ग्राम पंचायत लोखंडी में शासकीय राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नव निर्वाचित सरपंच द्वारा उजागर की गई अनियमितताओं से ग्रामवासियों में नाराजगी है। बताया गया कि हितग्राहियों को राशन सही तरीके से नहीं दिया जा रहा, वहीं राशन दुकान संचालक अभद्र व्यवहार करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इस पूरे मामले में शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
तखतपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत लोखंडी का है, जहां सरपंच ने मंगलवार सुबह राशन दुकान का निरीक्षण किया। वहां देखा गया कि चावल जमीन पर बिखरा पड़ा है और हितग्राहियों को खुले में ही राशन दिया जा रहा है। जब सरपंच ने विरोध किया तो महिला स्व-सहायता समूह की संचालिकाओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। सरपंच का कहना है कि राशन दुकान हर दिन देर से खुलती है और हितग्राहियों से दुर्व्यवहार आम बात हो गई है। कई बार राशन कार्ड फेंक दिया जाता है या अंगूठा न आने का बहाना बना कर लोगों को भगा दिया जाता है। इस स्थिति को लेकर उन्होंने सेक्टर प्रभारी से भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। यह भी आरोप है कि मनमाने तरीके से चावल की मात्रा घटाई जा रही है किसी को 5 किलो, तो किसी को 20 किलो तक दे दिया जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि राशन दुकान में इलेक्ट्रॉनिक मशीन में भी गड़बड़ी है और सही रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो रहा। लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं और फिर भी उन्हें पूरा राशन नहीं मिलता। कई बार चावल खुले में ही गिराया जाता है, जिससे वह गंदा हो जाता है।
सरपंच और पंचायत के अन्य सदस्यों ने इस मुद्दे पर ग्रामसभा में भी आवाज उठाई, लेकिन संचालिकाओं का रवैया अड़ियल बना हुआ है। ऐसे में सवाल यह है कि गरीब हितग्राहियों के साथ हो रहे इस अन्याय को रोकने के लिए प्रशासन कब जागेगा? यह मामला सिर्फ एक पंचायत का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। सवाल यह है कि जब सरपंच खुद कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो संबंधित विभाग आखिर कब हरकत में आएगा?



