रायगढ़

ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस की बड़ी सफलता, 59 में से 56 गुम इंसान तलाशे गए, परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत जनवरी माह में बड़ी कामयाबी सामने आई है। जिले में दर्ज 59 गुम इंसानों के मामलों में से 56 को पुलिस ने सकुशल तलाश कर परिजनों से मिला दिया है। वहीं गुम नाबालिगों के मामलों में भी पुलिस की सक्रियता ने कई परिवारों में खुशियां लौटा दी हैं।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में गुम इंसानों की पतासाजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। जनवरी माह में 16 नाबालिग गुम हुए थे, जिनमें से 14 को पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया। जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में नाबालिग परिजनों से नाराज होकर घर से चले गए थे, जबकि कुछ को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगाया गया था।

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ऐसे मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा है। बीते दो दिनों में थाना चक्रधरनगर, धरमजयगढ़, पुसौर और कोतरारोड़ पुलिस ने कई गुम नाबालिगों को उनके परिजनों से मिलाया।

 

कोतरारोड़ थाना क्षेत्र का मामला सबसे अधिक चर्चा में रहा, जहां करीब 8 साल से लापता एक बालक को पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के सतारा से दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा। बालक की वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है और क्षेत्र में पुलिस की सराहना हो रही है। वहीं चक्रधरनगर और धरमजयगढ़ थाना क्षेत्रों में शादी का प्रलोभन देकर नाबालिग बालिकाओं को भगाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि : “ऑपरेशन मुस्कान जिले में लगातार प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। गुम नाबालिगों और गुम इंसानों की तलाश हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नाबालिगों से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।”

 

रायगढ़ पुलिस की इस मुहिम ने न सिर्फ गुमशुदा लोगों को घर लौटाया है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया है कि नाबालिगों के साथ अपराध करने वालों के लिए कानून बेहद सख्त है।

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