राशन घोटाला मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, दो अधिकारी मुख्यालय अटैच

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर के मस्तूरी में गरीबों के हक के राशन में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। सरकारी उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितता पाई गई, जहां चावल, शक्कर और नमक का हेरफेर किया गया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक को मुख्यालय अटैच कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मस्तूरी स्थित उचित मूल्य की दुकानों में हितग्राहियों को मिलने वाला चावल, शक्कर और नमक बाजार में बेच दिया गया। शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग की टीम ने जांच की, जिसमें पाया गया कि स्टॉक में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया था। जांच के दौरान ऑनलाइन स्टॉक से तुलना करने पर 272 क्विंटल चावल कम मिला, जबकि शक्कर और नमक तय मात्रा से ज्यादा था।

संचालक ने दुकान में मूल्य सूची तक नहीं लगाई गई थी, जिससे यह साफ हो गया कि बड़ी गड़बड़ी हो रही थी। खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी और खाद्य निरीक्षक ललिता शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में जवाब नहीं देने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस घोटाले में संलिप्त राशन दुकान प्रबंधक और सेल्समैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले की जांच किं जा रही है। कलेक्टर अवनीश शरण ने बताया कि जांच में गंभीर अनियमितता पाई गई है। दो अधिकारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया गया है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सहायक खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी पर भी लगातार आरोप लग रहे हैं कि वे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी चावल की हेराफेरी में शामिल हैं। इसके अलावा वह जिले में 6 साल से इसी पद पर पदस्थ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है। क्या सहायक खाद्य अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी या नहीं, ये आने वाले दिनों में साफ होगा।





