रात के अंधेरे में रेत की लूट, सेंदरी-घुटकू घाट पर माफियाओं की करतूत ड्रोन में हुई कैद.

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर जिले में अवैध रेत खनन माफिया बेखौफ नजर आ रहा है। नेशनल हाईवे-130 से सटे सेंदरी और घुटकू रेत घाटों से खुलेआम रेत की चोरी की जा रही है। देर रात ड्रोन कैमरे से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीर रात करीब तीन बजे सेंदरी घाट की है। ड्रोन से ली गई इस एक तस्वीर में 9 ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत खनन और परिवहन करते साफ नजर आ रहे हैं। नेशनल हाईवे-130 से लगे सेंदरी और घुटकू घाट से ट्रैक्टरों की कतारें रातभर निकलती रहीं। माफिया ने घाट के दोनों ओर मुखबिर तैनात कर रखे हैं, जो बाहरी गतिविधियों पर नजर रखते हैं और सूचना देते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, घाट तक पहुंचने वाले रास्तों पर जानबूझकर रेत के ढेर लगाए गए, ताकि कोई आम व्यक्ति या अधिकारी वहां न पहुंच सके। पूरी रात अवैध परिवहन होता रहा, लेकिन खनिज विभाग, प्रशासन या पुलिस की कोई टीम मौके पर नजर नहीं आई। जब सेंदरी घाट टीम पहुंची, तो पुल के नीचे से लगातार ट्रैक्टर निकलते दिखे। मौके पर पांच ट्रैक्टर रेत लेकर बाहर जाते नजर आए, जबकि दो युवक संदिग्ध हालत में निगरानी करते पाए गए। घुटकू घाट में भी यही हाल रहा करीब 10 ट्रैक्टर रेत लोडिंग में लगे थे, और घाट के आसपास लोग तैनात थे।
सूत्रों के मुताबिक, इन अवैध घाटों पर रातभर निगरानी करने वालों को पैसों के साथ शराब भी दी जाती है, ताकि वे पूरी रात मुस्तैद रहें। हैरानी की बात ये है कि जिले में सिर्फ चार घाट वैध हैं, फिर भी रोजाना 15 से 20 अवैध घाटों से रेत की खुदाई हो रही है। इस कारोबार में राजनीतिक संरक्षण और संगठित नेटवर्क की भी बात सामने आ रही है।
गौर करने वाली बात ये है कि इसी जिले में पहले नायब तहसीलदार को कुचलने की कोशिश हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध रेत खनन पर लगाम नहीं लग पा रही। अब सवाल ये है कि ड्रोन कैमरे में कैद इस अवैध कारोबार पर प्रशासन और खनिज विभाग कब कार्रवाई करेगा?




