मंगला में फिर शुरू हुआ अवैध प्लाटिंग का खेल, बिना अनुमति काटे जा रहे प्लॉट, कच्ची सड़क बनाकर बिक्री की तैयारी।

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-13 मंगला में एक बार फिर अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है। दीनदयाल कॉलोनी के पास श्री हरिपुरम और फ्रेंड्स कॉलोनी के पीछे बड़े पैमाने पर बिना अनुमति प्लॉट काटे जाने की तैयारी चल रही है। मौके पर कच्ची सड़क का निर्माण कर दिया गया है और तारबंदी कर पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है। पड़ताल में सामने आया है कि इस प्लाटिंग के लिए न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति ली गई है और न ही नगर निगम को इसकी जानकारी दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक जमीन की खरीद-फरोख्त के बाद अब उसे छोटे-छोटे प्लॉट में काटकर बेचने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम के मंगला इलाके में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। दीनदयाल कॉलोनी के पीछे नई कॉलोनी बसाने की तैयारी की जा रही है। मौके पर कच्ची सड़क बनाई जा चुकी है और जमीन की तारबंदी भी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यहां जल्द ही प्लॉटों की बिक्री शुरू की जा सकती है। स्थानीय पार्षद का कहना है कि उन्हें इस प्लाटिंग की जानकारी नहीं है। वहीं पड़ताल में यह भी सामने आया है कि संबंधित बिल्डर या जमीन मालिक ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लेआउट की स्वीकृति नहीं ली है और न ही नगर निगम से किसी प्रकार की अनुमति प्राप्त की है। मंगला क्षेत्र में एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनभर से अधिक स्थानों पर इसी तरह की अवैध प्लाटिंग होने की बात सामने आ रही है। कई जगह बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनर लगाकर कॉलोनियों का प्रचार किया जा रहा है, जबकि जमीन का वैधानिक विकास और आवश्यक अनुमतियां अब तक नहीं ली गई हैं। एक ओर नगर निगम लगातार अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई के दावे कर रहा है, तो दूसरी ओर नियमों को दरकिनार कर खुलेआम प्लॉट काटने और बेचने की तैयारी जारी है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर अधिकारियों की नजर इन गतिविधियों पर क्यों नहीं पड़ रही, या फिर जिम्मेदार विभाग जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं। पड़ताल में एक और अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक जिस जमीन पर प्लाटिंग की तैयारी चल रही है, वह पहले शहर के एक जनप्रतिनिधि के कब्जे या स्वामित्व में बताई जाती थी। अब यह जमीन कथित तौर पर एक बिल्डर को बेची जा चुकी है।
आरोप है कि बिल्डर इस पूरी भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर बेचने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है। यदि यह प्लाटिंग बिना वैधानिक अनुमति की जा रही है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। अब देखना होगा कि नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग इस अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई करते हैं, या फिर यह जमीन भी बिना अनुमति कॉलोनी में तब्दील हो जाएगी। इस मामले में जल्द ही आगे और चौंकाने वाले खुला से किए जाएंगे।




