बिलासपुर

उड़नदस्ता दफ्तर की हालत खस्ताहाल, खतरे के साये में काम कर रहे कर्मचारी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – बारिश में जहां लोग राहत महसूस करते हैं, वहीं बिलासपुर वन मंडल का उड़नदस्ता कार्यालय इस मौसम में त्राहि-त्राहि कर रहा है। हालात ऐसे कि सरकारी दफ्तर खुद मलबे में तब्दील हो चुका है… न छत सुरक्षित है, न दीवारें… और न ही यहां काम करने वाले कर्मचारी।

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यह तस्वीरें हैं बिलासपुर वन मंडलाधिकारी कार्यालय परिसर के भीतर स्थित उड़नदस्ता रेंज कार्यालय की… जहां मानसून के आते ही हालात बद से बदतर हो गए हैं। छत से लगातार पानी टपक रहा है… दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं… और छत से सरिया तक बाहर झांक रहा है। कर्मचारी किसी तरह अपने जरूरी दस्तावेज़ और फाइलों को बचाने में लगे हैं। बैठने की जगह नहीं, काम करने की सुविधा नहीं… यहां तक कि पंखे और लाइटें भी अक्सर काम करना बंद कर देती हैं।

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बारिश के दिनों में इस ऑफिस की छत से पानी की धार बहती है… पानी सीधे फाइलों और टेबल पर गिरता है, जिससे दस्तावेज़ खराब हो रहे हैं। कर्मचारी ‘स्टैंडिंग पोजिशन’ यानी खड़े होकर ही काम करने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया बरसात में पानी पूरा ऑफिस में भर जाता है… बैठने में तकलीफ होती है… कपड़े तक भीग जाते हैं। साहब को कई बार बता चुके हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। हालत इतनी खराब है कि पंखा भी जवाब दे चुका है… ऑफिस के भीतर फर्श पर इतना पानी भर जाता है कि चलना भी मुश्किल होता है। यहां रहकर काम करना खतरे से खाली नहीं है।

जिस विभाग की जिम्मेदारी जंगलों की सुरक्षा की है, उसका दफ्तर जर्जर हालत में दम तोड़ रहा है। सबसे बड़ी बात कई बार उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन न कोई मुआयना, न कोई मरम्मत। सरकारी सिस्टम की ये तस्वीर चौंकाने वाली है। कर्मचारी खतरे के साए में काम करने को मजबूर हैं और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। अब सवाल ये है कि कब तक इस बदहाल ऑफिस में उड़नदस्ता विभाग ‘फील्ड’ से ज्यादा ‘फर्श’ से लड़ता रहेगा?”

 

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