बिलासपुर

कलेक्टर ने जन सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्तावित स्थलों का किया दौरा, शहर के बीच बच्चों और बुजुर्गों के लिए बनेगी लाइब्रेरी

बिलासपुर – कलेक्टर अवनीश शरण ने शहर के विभिन्न वार्डों का दौरा किया। उन्होंने नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बृहस्पति बाजार में सब्जी मार्केट, जूना बिलासपुर में पशु चिकित्सा अस्पताल के एक हिस्से में लाइब्रेरी, अमेरी से तिफरा तक शहर प्रवेश के लिए वैकल्पिक सड़क चौड़ीकरण और गोकुल नगर जायज़ा लिया। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार और सहायक कलेक्टर तन्मय खन्ना भी साथ थे।

Advertisement

कलेक्टर अवनीश ने जूना बिलासपुर स्थित जिला पशु चिकित्सालय के एक हिस्से में लाइब्रेरी निर्माण के लिए स्थल चिन्हांकित किया। स्मार्ट सिटी और डीएमएफ मिलाकर लगभग 6 करोड़ में इसका निर्माण किया जायेगा। मुख्य रूप से बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लाइब्रेरी सह वाचनालय का विकास किया जाएगा। लगभग 80 लोगों के एक साथ बैठने की क्षमता होगी। कलेक्टर ने बृहस्पति बाजार में प्रस्तावित सब्जी मार्केट का भी अवलोकन किया। नक्शा और स्थल का मिलान कर परियोजना को समझी। डीएमएफ और नगर निगम की संयुक्त राशि से इसे बनाया जा रहा है। 218 चबूतरा और 37 दुकान इसमें शामिल होंगे। पार्किंग, इमरजेंसी एक्जिट और वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था इसमें रखी गई है। कलेक्टर ने तेज़ी से काम आगे बढ़ाने को कहा है।

Advertisement

कलेक्टर इसके बाद शहर आने के लिए वैकल्पिक प्रवेश मार्ग के रूप में चिन्हांकित तिफरा से अमेरी मार्ग का निरीक्षण किया। लगभग 16 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। इसमें सड़क निर्माण के साथ मुआवजा भी शामिल हैं। सड़क की लंबाई 3.50 किलोमीटर और चौड़ाई 10 मीटर की होगी। कलेक्टर ने सड़क के अलाइनमेंट को देखा और पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिए।

कलेक्टर इसके बाद घुरू में गोकुल नगर की व्यवस्था देखी। उन्होंने नगर में सड़क रिनोवेट करने के प्रस्ताव देने को कहा। कुछ लोग गोकुल नगर में स्थल आबंटन के बाद भी शहर के भीतर डेयरी संचालित कर रहे हैं, उन्हें गोकुल नगर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। यहां स्थित वेटेरिनरी हॉस्पिटल में नियमित रूप से पशु चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। गोकुल नगर के विस्तार सहित अन्य शासकीय योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए नगर निगम को घुरू में ही लगभग 66 एकड़ जमीन शासन द्वारा आबंटित की गई है। इस जमीन के हिस्से में कुछ लोग संघटित रूप से कब्जा कर लिए हैं। कलेक्टर ने इस पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करने के निर्देश निगम को दिए।

Related Articles

Back to top button