NQAS की रकम पर घोटाले का शक! बिलासपुर जिला अस्पताल में इंसेंटिव गायब, सवालों के घेरे में सिस्टम

(जयेन्द्र गोले) :बिलासपुर के जिला अस्पताल को दो साल पहले नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) का सर्टिफिकेशन मिला था… जिसके तहत केंद्र सरकार की 4 सदस्यीय टीम ने अस्पताल की सुविधाओं का आकलन किया था। बेहतर व्यवस्थाओं के आधार पर अस्पताल को प्रोत्साहन राशि दी गई… ताकि भवन मेंटेनेंस और कर्मचारियों व अधिकारियों को 25 प्रतिशत इंसेंटिव देकर काम करने के लिए प्रेरित किया जा सके.
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है… आरोप है कि दो साल पहले मिली यह प्रोत्साहन राशि आज तक न तो किसी कर्मचारी और अधिकारी को बांटी गई… और न ही यह साफ हो पाया कि आखिर यह रकम अस्पताल के किस काम में खर्च हुई। अस्पताल स्टाफ के बीच भी इसको लेकर नाराजगी साफ देखी जा रही है। सबसे बड़ा सवाल जिला अस्पताल के सिविल सर्जन की कार्यशैली पर उठ रहा है… आरोप ये तक लगाए जा रहे हैं कि स्टाफ को इंसेंटिव से वंचित रखकर पूरी राशि में गड़बड़ी की गई है।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है… लेकिन जिस तरह से पारदर्शिता का अभाव दिख रहा है… उसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस कथित एनक्वास प्रोत्साहन राशि की जांच होती है या नहीं… और अगर जांच होती है तो क्या सच्चाई सामने आएगी… या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल, मरीजों से लेकर स्टाफ तक सभी जवाब का इंतजार कर रहे हैं।




