सिम्स का एआरटी सेंटर बेहाल, बिना डाटा एंट्री ऑपरेटर के चल रहा हजारों मरीजों का इलाज

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में संचालित एआरटी सेंटर खुद सिस्टम की लापरवाही का शिकार नजर आ रहा है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित इस केंद्र में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि हजारों मरीज यहां पंजीकृत हैं। इसके बावजूद वर्षों से डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं की गई है।
मरीजों को डॉक्टरों से उपचार और जरूरी दवाइयां तो मिल रही हैं, लेकिन उनकी बीमारी का रिकॉर्ड, फॉलोअप, रजिस्ट्रेशन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का रखरखाव गंभीर चुनौती बना हुआ है। डिजिटल रिकॉर्ड की जिम्मेदारी संभालने वाला कोई स्थायी कर्मचारी न होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
संभाग के विभिन्न जिलों से ईलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी की जा रही है। ऐसे में मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के सुरक्षित और व्यवस्थित प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना के संचालन के लिए जरूरी मानव संसाधन ही उपलब्ध नहीं हैं, तो इस व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा? अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है।




