सकरी का स्मृति वन संवरेगा, 50 एकड़ के हरित क्षेत्र को मिलेगा नया स्वरूप

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – सकरी स्थित स्मृति वन एक बार फिर चर्चा में है। करीब 50 एकड़ में फैला यह हरित क्षेत्र वर्ष 2002 में विकसित किया गया था। जंगल पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन वर्षों की अनदेखी के चलते यह आम लोगों के लिए उपयोगी स्थल नहीं बन पाया। अब स्मृति वन को नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के सकरी में स्थित स्मृति वन अपने आप में एक बड़ा और सुरक्षित जंगल है। यहां घना हरित क्षेत्र और जैव विविधता मौजूद है, लेकिन न तो बैठने की व्यवस्था है, न वॉकिंग ट्रैक और न ही जानकारी देने वाले साइन बोर्ड। इसी कमी को दूर करने के लिए अब स्मृति वन के उन्नयन की योजना बनाई जा रही है। स्मृति वन के उन्नयन को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ अरुण पाण्डे, सीसीएफ बिलासपुर मनोज पाण्डे, कलेक्टर और एसपी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक धर्मजीत सिह में कहा सकरी का स्मृति वन लगभग 50 एकड़ में फैला हुआ है और इसे वर्ष 2002 में लोगों की स्मृति में विकसित किया गया था। आज जंगल सुरक्षित है, लेकिन आम नागरिकों के लिए सुविधाओं की कमी है। हमारा प्रयास है कि इसे व्यवस्थित कर तखतपुर और आसपास के लोगों के लिए एक बेहतर और आकर्षक स्थल बनाया जाए।
कुछ समय पहले स्मृति वन को कानन पेंडारी के साथ जोड़कर विकसित करने की चर्चा भी सामने आई थी। हालांकि वन विभाग ने इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ, छत्तीसगढ़ अरूण पांडेय ने बताया स्मृति वन एक फ्री फॉरेस्ट एरिया है। यहां की जैव विविधता सुरक्षित है और इसे आम जनता के लिए विकसित किया जाएगा। वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और साइन बोर्ड जैसी मूलभूत सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसे कानन पेंडारी से अलग रखते हुए एक नेचर-बेस्ड पब्लिक स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा।
अगर यह योजना धरातल पर उतरती है, तो सकरी का स्मृति वन न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बनेगा, बल्कि तखतपुर और बिलासपुर क्षेत्र के लोगों के लिए एक नया और सुकून भरा सार्वजनिक स्थल भी साबित होगा।




