
(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर : मौसम ने बस हल्की करवट ही ली थी… लेकिन मंगला चौक से धुरीपारा मार्ग तक की सड़कें जैसे पानी में डूबने की तैयारी में थीं। सोचिए… जब मानसून शुरू भी नहीं हुआ है, तब ये हाल है—तो बारिश के असली दिनों में क्या मंजर होगा?
ये तस्वीरें मंगला चौक से धुरीपारा मार्ग की हैं… जहां थोड़ी सी बारिश ने सिस्टम की पोल खोल दी है। सड़क पर पानी का समंदर है, और नालियों से पानी निकासी का नामो-निशान नजर नहीं आया ।
लोगों का आरोप है कि इस सड़क का निर्माण बेहद घटिया और लापरवाही भरे तरीके से किया गया है। सड़क बनी जरूर… लेकिन कुछ ही दिनों में उखड़ने भी लगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों को मलबे में ढक दिया गया है। नतीजा ये है कि बरसात का पानी बहने की बजाय सड़क पर जमा हो रहा है।
हर बारिश के साथ ये हाल और बदतर होता जा रहा है। नतीजा – आम लोगों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अब ये सिर्फ एक सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनता जा रहा है। अगर समय रहते इन सड़कों और नालियों पर ध्यान नहीं दिया गया
तो मंगला की गलियां जलमग्न ही नहीं, अंधकार में भी डूबी नजर आएंगी। सवाल यही है क्या जिम्मेदार अफसर और जनप्रतिनिधि इन हालातों की सुध लेंगे? या फिर हर बार की तरह मूकदर्शक बने रहेंगे? जवाब जनता चाहती है… और इंतजार अब बहुत हुआ।




