पुलिस ने सीखा जीवन बचाने का हुनर, सी.पी.आर. प्रशिक्षण में शामिल हुए अधिकारी-कर्मचारी

जशपुर पुलिस ने आज एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक तकनीक सीखी। सी.पी.आर. (Cardio Pulmonary Resuscitation) देने के तरीके पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम सी.पी.आर. जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित किया गया, जो पूरे देश में 13 से 17 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को आपात स्थिति में जीवन बचाने के कौशल के प्रति जागरूक करना है।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर रूपेश कुमार पाणीग्राही और सहायक ट्रेनर प्र.आर. वृत्तनारायण भगत ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सी.पी.आर. देने की विधि के बारे में जानकारी दी और प्रायोगिक प्रदर्शन कराया।
ट्रेनर्स ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की सांस या हृदय की गति रुक जाए, तो तुरंत सी.पी.आर. देने से उसके जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने सी.पी.आर. की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि व्यक्ति की सांस और नब्ज जांचें, जरूरत पड़ने पर उसे समतल सतह पर लिटाकर छाती पर तेज़ और नियमित दबाव दें, तथा बीच-बीच में दो बार सांस दें। यह प्रक्रिया तब तक जारी रखें जब तक व्यक्ति में सांस न लौट आए या चिकित्सकीय मदद न मिल जाए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, उप पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, निरीक्षक अमित तिवारी सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा : “सी.पी.आर. देना हर व्यक्ति को आना चाहिए। यह किसी की जान बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। यह प्रशिक्षण न केवल तकनीक सिखाता है बल्कि जिम्मेदारी का भी अहसास कराता है।”




