बिलासपुर

दो पदाधिकारियों की बर्खास्तगी से भड़का NHM आंदोलन, 735 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफ़ा सौंपा, अस्पतालों की सेवाएं ठप

(किशोर श्रीवास्तव/जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। बिलासपुर ज़िले में 735 कर्मचारियों ने अपने पद से सामूहिक इस्तीफ़ा सौंप दिया है। यह विरोध हाल ही में दो प्रांतीय पदाधिकारियों की बर्खास्तगी के खिलाफ किया गया है। इस हड़ताल से सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।

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अठारहवें दिन भी बिलासपुर में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। गुरुवार को कर्मचारियों ने कोन्हेर उद्यान, नेहरू चौक में सभा कर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया और उसके बाद बाइक रैली निकालते हुए सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया।

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इस दौरान कर्मचारियों ने बर्खास्त पदाधिकारियों की बहाली और नियमितीकरण की मांग को लेकर जमकर नारेबाज़ी की। सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल गेट के बाहर आईं और कर्मचारियों से सामूहिक इस्तीफ़ा पत्र ग्रहण किया।

 

दरअसल बुधवार को एनएचएम संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल पाल को बर्खास्त कर दिया गया था। इसी के विरोध में ज़िले के 735 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफ़ा सौंप दिया।

 

हड़ताल की वजह से ज़िले के सभी स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, सिम्स और मानसिक चिकित्सालय की सेवाएं ठप हो चुकी हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह बंद हो गए हैं। बरसात के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और उल्टी-दस्त जैसे मौसमी रोगियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 

लगातार जारी इस हड़ताल से आम जनता पर बड़ा असर पड़ रहा है। लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हैं। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

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