नक्सली कमांडर हिड़मा : 40 साल के खूनी इतिहास की डोजियर रिपोर्ट आयी सामनें, 76 जवानों की शहादत से लेकर बड़े हमलों तक रहा शामिल.

छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच मरेडुमिली के पास हुई मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी कमांडर मदवी हिड़मा समेत 6 नक्सली मारे गए। मौके से 2 एके-47, एक रिवॉल्वर और एक पिस्टल बरामद हुई है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल नेटवर्क पर बड़ा ऑपरेशनल झटका मान रही हैं। आइए जानते है कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा के बारे में –
देश के सबसे कुख्यात नक्सली कमांडरों में से एक माड़वी हिड़मा का विस्तृत डोजियर सामने आया है। करीब 50 वर्षीय हिड़मा पर पाँच राज्यों में कुल 1.75 करोड़ रुपये का इनाम थ। हिड़मा पिछले दो दशकों में 76 CRPF जवानों की शहादत वाले ताड़मेटला हमले से लेकर बेहद खतरनाक घात और IED हमलों में मुख्य भूमिका निभाता रहा।
माड़वी हिड़मा… जिसे उर्फ हिड़माल, हिड़मन्ना, संतोष और देवा जैसे कई नामों से जाना जाता है। पैदा हुआ सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके के पवूरटी गांव में। कद करीब 5.5 फीट, दुबली देह, गेहुँआ रंग और घुँघराले बाल—यही हिड़मा की पहचान है। पाँचवीं तक पढ़ाई करने वाला यह युवक बाल संगठन से नक्सल संगठन में शामिल हुआ और PLGA बटालियन-1 का कमांडर रहा है।हिड़मा 1991 में बाल संगठन का सदस्य बना। 2004 में कोंटा एरिया कमेटी सचिव 2007 में कंपनी नंबर-03 कमांडर और 2009 से बटालियन कमांडर के तौर पर सक्रिय रहा। 2023-24 में इसे केंद्रीय कमिटी सदस्य यानी CCM बनाया गया।
डोजियर के अनुसार हिड़मा ने 2005 से 2024 के बीच कई बड़े हमलों की योजना बनाई—
2005—इनजरम IED हमला: 6 जवान शहीद
2006—सलवा जुडूम वाहन ब्लास्ट: 28 नागरिक मारे गए
2007—उरपाल मेट्टा हमला: 23 जवान शहीद
2010—ताड़मेटला हमला: 76 CRPF जवान शहीद
2017—बुरकापाल हमला: 25 जवान शहीद
2021—टेकलगुड़मे मुठभेड़: 22 जवान शहीद
2024—धरमावरम कैंप हमला
हिड़मा पर आरोप है कि उसने न केवल इन घटनाओं की साजिश रची बल्कि कई ऑपरेशनों की निगरानी भी की।हिड़मा PLGA बटालियन की वित्तीय निगरानी भी करता था। हर साल दो बार BNPC की बैठक आयोजित करता था, रेडियो सुनना, किताबें पढ़ना और हर कैडर की पृष्ठभूमि का पूरा डेटा रखना-इसकी आदत बताई गई। यह बाहरी लोगों से कम संपर्क में रहता था और इंटरव्यू व मीटिंग से दूरी बनाता था।
5 (इनामी राशि)
छत्तीसगढ़—40 लाख
महाराष्ट्र—50 लाख
ओडिशा—25 लाख
आंध्रप्रदेश—25 लाख
तेलंगाना—25 लाख
मध्यप्रदेश—15 लाख
कुल इनामी राशि-1 करोड़ 80 लाख रुपये




