बिलासपुर

बारिश से सबक….बिलासपुर रेलवे यार्ड में ड्रेनेज सिस्टम होगा और मजबूत

(भूपेंद्र सिंह राठौर ) : बिलासपुर में हालिया मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। इसका असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के कुछ हिस्सों और रेलवे यार्ड पर भी देखने को मिला। हालांकि रेलवे का कहना है कि मौजूदा हालात से सबक लेते हुए अब भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है।बारिश के दौरान रेलवे ट्रैक, यार्ड और रेल परिसरों में पानी भरने की स्थिति किसी भी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर रेल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कर उन स्थानों की पहचान की है, जहां जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।

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रेलवे अधिकारियों के अनुसार हर रेलवे यार्ड, ट्रैक और ड्रेनेज सिस्टम को एक निर्धारित जल निकासी क्षमता के आधार पर डिजाइन किया जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक और कम समय में होने वाली बारिश की घटनाएं बढ़ी हैं। इसे देखते हुए अब पुराने मानकों में सुधार करते हुए ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के मुताबिक बिलासपुर रेलवे यार्ड समेत कई स्थानों पर नालियों की चौड़ाई और गहराई बढ़ाने, पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त आउटलेट तैयार करने और जल प्रवाह में बाधा बनने वाले हिस्सों को हटाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही जहां आवश्यकता होगी वहां नए ड्रेनेज चैनल भी विकसित किए जाएंगे, ताकि बारिश का पानी कम समय में रेलवे परिसर से बाहर निकल सके। अधिकारियों का कहना है कि केवल रेलवे परिसर ही नहीं बल्कि नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर भी काम किया जा रहा है। क्योंकि कई जगहों पर रेलवे क्षेत्र और शहर के ड्रेनेज सिस्टम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में दोनों व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है।

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रेलवे का दावा है कि जल निकासी व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। उद्देश्य सिर्फ मौजूदा समस्या का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में यदि इससे भी अधिक बारिश होती है तो रेलवे यार्ड, ट्रैक और स्टेशन परिसरों में जलभराव की स्थिति न बने और ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से जारी रहे।

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