बिलासपुर में दिनदहाड़े अवैध पेड़ कटाई, वन-राजस्व विभाग में जिम्मेदारी को लेकर टालमटोल

(भूपेन्द्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में अवैध पेड़ कटाई लगातार जारी है और अब यह मामला सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति को उजागर कर रहा है। ताज़ा मामला बिलासपुर के मंगला वार्ड क्रमांक 14, महर्षि रोड का है, जहां अवैध प्लॉटिंग की तैयारी में हरे-भरे बड़े पेड़ों की दिनदहाड़े कटाई कर दी गई।वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस जमीन पर पेड़ काटे गए हैं, वह राजस्व भूमि है और इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग की बनती है।
वहीं दूसरी ओर, अवैध प्लॉटिंग के जड़ में लगातार हरे-भरे और पुराने पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार मशीनों से नीम, महानीम जैसे औषधीय पेड़, इमली जैसे फलदार पेड़ और बबूल सहित करीब 8 से 10 बड़े और पुराने पेड़ों को काटा गया। आरोप है कि कटाई से पहले न तो किसी तरह की अनुमति ली गई और न ही पेड़ों की गणना या वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रेंजर स्क्वॉड और उड़नदस्ता टीम मौजूद हैं, तो फिर ऐसी अवैध कटाई कैसे हो रही है?वन और राजस्व विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, लेकिन अब देखना होगा कि अवैध प्लॉटिंग और पेड़ कटाई पर ठोस कार्रवाई कब होती है और दोषियों पर कब सख्त कदम उठाए जाते हैं।




