बिलासपुर

हाइटेक स्टेशन, लेकिन बदहाल ट्रेनें! कुंडी गायब, गंदे टॉयलेट से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें.

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जहां एक ओर स्टेशन को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये अमृत भारत योजना के तहत खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रेन के भीतर की हकीकत कुछ और ही बयान करती है।

Advertisement

बिलासपुर जोन के स्टेशन अब हाईटेक हो रहे हैं प्लेटफॉर्म पर डिजिटल बोर्ड, स्टील की बेंच, नई लाइटिंग और एलिवेटेड कॉरिडोर। लेकिन ट्रेन में सवार होने पर यात्रियों का सामना मुश्किलो से होता है।गंदे शौचालय, दरवाजों की कुंडियां टूटी हुई, और बदबूदार कोच, यात्रियों का सफऱ बोझिल और मुश्किल बना देता है।

Advertisement

शौचालय सिर्फ दिखावे के लिए हैं। कई कोच में दरवाजों की कुंडी टूटी है, जिससे यात्रियों को फ्रेश होते समय किसी को दरवाजे पर खड़ा करना पड़ता है। यह समस्या एक-दो ट्रेनों तक सीमित नहीं है अधिकांश लंबी दूरी की ट्रेनों में यही स्थिति बनी हुई है। टॉयलेट की सफाई भी बेहद लचर है। नियमित रूप से सफाई नहीं होती, जिससे बदबू और गंदगी का अंबार रहता है। ट्रेनों में सफर करना आज भी असुविधा और समझौते का पर्याय बन गया है। जब इस बारे में बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे ‘एक्सेप्शनल केस’ बता कर टालने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि यात्रियों की शिकायतें ऐप, फोन, सोशल मीडिया और पोर्टल के ज़रिए तुरंत संज्ञान में ली जाती हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

स्टेशन को आधुनिक बनाना ज़रूरी है, लेकिन उससे भी ज़्यादा जरूरी है ट्रेनों के भीतर की व्यवस्था सुधारना। वरना यह बदलाव सिर्फ ‘दिखावा’ बनकर रह जाएगा। यात्रियों को असल मे सुविधा कब मिलेगी, ये सवाल अब भी रेलवे के पाले में है।

 

Related Articles

Back to top button