न्यूक्लियर रिएक्टर से लेकर रक्षा सौदे तक….भारत-रूस के बीच आज इन मुद्दों पर होगी बात

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार 4 दिसंबर 2025 को दो दिवसीय भारत दौरे पर आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा चार साल बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, व्यापार को बाहरी दबावों से बचाने और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में साझेदारी पर खास ध्यान दिया जाएगा।
शुक्रवार 5 दिसंबर को पुतिन को औपचारिक स्वागत दिया जाएगा। इसके बाद 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा, जहां दोनों नेता प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे। समिट के बाद पुतिन RT के नए इंडिया चैनल का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उनके सम्मान में राजकीय भोज आयोजित करेंगी।
पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर हो रही है। यह साझेदारी अक्टूबर 2000 में शुरू हुई थी। दिसंबर 2010 में इसे बढ़ाते हुए ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया गया था।
पीएम मोदी और पुतिन की आज होने वाली बैठक कई मायनों में अहम है क्योंकि इसमें तेल सप्लाई बढ़ाने, न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में सहयोग के नए विकल्प खोजने और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम व Su-57 फाइटर जेट जैसी डिफेंस डील्स पर चर्चा होने की उम्मीद है। बदलते भू-राजनीतिक माहौल में पुतिन का यह दौरा भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी की मजबूती और उसकी निरंतर अहमियत को दर्शाता है। आज रूस के रोसाटॉम के साथ छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMR) की डील पर भी मुहर लग सकती है।




