वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सैकड़ों टन लकड़ी जब्त, चार मिलें सील

(अजय श्रीवास्तव) : छत्तीसगढ़ में वन विभाग और लकड़ी कारोबारियों की कथित मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि नेशनल हाईवे निर्माण के लिए अवैध रूप से काटी गई इमारती और प्रतिबंधित साल की लकड़ियों को कोरबा से रायपुर जिले के अभनपुर लाकर आरा मिलों में खपाया जा रहा था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरा मिलों को सील कर दिया है।
वन विभाग का उड़नदस्ता अभनपुर स्थित मामनचंद हुकुमचंद सॉ मिल पहुंचा, जहां जांच के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित साल सहित अन्य प्रजातियों की लकड़ियां बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये लकड़ियां कोरबा से तस्करी कर अभनपुर लाई गई थीं। फिलहाल लकड़ियों के स्रोत और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि वन विभाग से मिले एक लाइसेंस की आड़ में तीन अतिरिक्त यानी कुल चार आरा मिलों का संचालन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान चारों आरा मिलों को सील कर दिया गया। मिल परिसर में सैकड़ों टन लकड़ियां मिली हैं, जिनकी जांच के आदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने दिए हैं।
इस कार्रवाई के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि वर्षों से प्रतिबंधित लकड़ियों का कारोबार खुलेआम चलता रहा और विभागीय अधिकारियों की अनदेखी या मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं था। अभनपुर क्षेत्र की अन्य आरा मिलों में भी अवैध लकड़ी के कारोबार की जांच की मांग उठने लगी है। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




