फेक वीडियो पर वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर जिले के अलग-अलग हिस्सों में बाघ देखे जाने का एक फेक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने लोगों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है। लेकिन जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है, तो न बाघ दिखाई दिखा है और न ही उसका कोई निशान मिला। वन विभाग इस अफवाह से परेशान है और अब डीएफओ ने सख्त चेतावनी जारी की है।
वन विभाग के अनुसार, सात मार्च को तखतपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम कठमुडा में बाघ ने एक ग्रामीण पर हमला किया था। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो बाघ दिखा भी, लेकिन अगले ही दिन वह अचानकमार टाइगर रिजर्व लौट गया। पंजों के निशानों से इसकी पुष्टि भी हुई। लेकिन इस घटना के बाद कुछ शरारती तत्वों ने पुरानी वीडियो क्लिप्स को नए दावे के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। यही नहीं, अलग-अलग राज्यों में देखे गए बाघ के वीडियो को जिले के गांवों का बताकर वायरल किया जा रहा है। बिलासपुर डीएफओ सत्यदेव शर्मा ने इस मामले पर बयान जारी किया है। उन्होंने साफ किया कि बाघ अब रिहायशी इलाके में नहीं है और जंगल मे लौट चुका है। अगर कोई इस तरह की फेक वीडियो या फोटो शेयर करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जिसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
अब तक शहर के आसपास आठ से दस जगहों पर बाघ होने की अफवाहें फैल चुकी हैं। बुधवार को रतनपुर के रानीगांव में बाघ की मौजूदगी की खबर आई, लेकिन जांच में यह भी गलत निकला। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और बिना प्रमाणिकता के कोई भी वीडियो या फोटो शेयर न करें। अगर कोई संदिग्ध जानकारी मिलती है, तो वन विभाग से संपर्क करें।




