जांजगीर-चाम्पा

कलेक्टर ने किया ऑयल पाम खेत का निरीक्षण, किसानों को स्थायी आमदनी की राह दिखाई….

जांजगीर-चांपा जिले में किसानों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खुल रहे हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने रविवार को बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम सोंठी में ऑयल पाम की खेती का निरीक्षण किया और किसानों से चर्चा कर उन्हें स्थायी आमदनी का नया रास्ता दिखाया।

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कलेक्टर ने बताया कि ऑयल पाम किसानों के लिए दीर्घकालिक आय का मजबूत साधन बन सकता है। राज्य और केंद्र सरकार की ओर से पौधरोपण, सिंचाई, तकनीकी मार्गदर्शन और सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही शुरुआती वर्षों में किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए अंतरवर्ती फसलों की खेती पर भी सहायता दी जा रही है।

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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उद्यानिकी और कृषि विभाग को निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका संबंधी गतिविधियों से जोड़ा जाए और उन्हें प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए।

 

कृषि अधिकारियों के मुताबिक, जिले में 500 हेक्टेयर में ऑयल पाम की खेती का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये मूल्य के 143 पौधे नि:शुल्क दिए जा रहे हैं। खेती पर करीब चार लाख रुपये की लागत आती है, जिस पर केंद्र सरकार 1.30 लाख और राज्य सरकार 1.29 लाख रुपये का अनुदान दे रही है।

 

ऑयल पाम फसल तीसरे साल से उत्पादन देना शुरू कर देती है और लगभग 25 से 30 साल तक लगातार उपज देती है। एक हेक्टेयर से हर साल 20 टन उपज मिलने की संभावना है, जिससे किसानों को ढाई से तीन लाख रुपये तक की स्थायी सालाना आमदनी हो सकती है।जिले में ऑयल पाम की खेती को अभियान स्वरूप में बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

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