छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने सौम्या चौरसिया को किया गिरफ्तार, 115 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। ईडी रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के तहत हिरासत में लिया है।
ईडी ने सौम्या चौरसिया को 16 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायालय पीएमएलए, रायपुर में पेश किया, जहां अदालत ने ईडी को 19 दिसंबर तक तीन दिनों की रिमांड दी है। यह कार्रवाई रायपुर स्थित एसीबी और ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं।
जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ है और करीब 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध-प्राप्ति हुई है। ईडी की जांच के अनुसार सौम्या चौरसिया को इस घोटाले में लगभग 115.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली थी।
ईडी का दावा है कि डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त सामग्री और लिखित बयानों से यह स्पष्ट होता है कि सौम्या चौरसिया शराब गिरोह की सक्रिय सहयोगी थीं। वे अनिल टुटेजा और चैतन्य बघेल सहित गिरोह के प्रमुख सदस्यों के बीच केंद्रीय समन्वयकर्ता और मध्यस्थ की भूमिका निभा रही थीं। चैट और डिजिटल सबूतों से गिरोह के गठन में उनकी अहम भूमिका उजागर हुई है, जिसमें आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों में मदद करने के आरोप भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में ईडी अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और चैतन्य बघेल को भी गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पूरे मामले में ईडी की जांच जारी है।




