अपोलो प्रबंधन और कथित डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज… अपोलो अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठने लगे सवाल.

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और अविभाज्य मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता रहे स्व. राजेन्द्र शुक्ल की वर्ष 2006 में अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सरकंडा पुलिस ने इस मामले में हत्या का अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई स्व. शुक्ल के पुत्र डॉ. प्रदीप शुक्ला की शिकायत पर की गई है, जिन्होंने अपोलो अस्पताल प्रबंधन और फर्जी डॉक्टर नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेन्द्र जान कैम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

फर्जी डॉक्टर ने किया था इलाज, अब हुआ खुलासा
डॉ. प्रदीप शुक्ला ने बताया कि 21 जुलाई 2006 को उनके पिता को हार्ट अटैक की शिकायत के बाद अपोलो में भर्ती कराया गया था, जहां 20 अगस्त को उनकी मौत हो गई। इस दौरान उनका इलाज खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताने वाले डॉ. नरेन्द्र जान कैम ने किया था। हाल ही में दमोह पुलिस ने नरेन्द्र को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया कि वह फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज कर रहा था। उसने दमोह मिशन अस्पताल में भी सात मरीजों की हार्ट सर्जरी की, जिनकी मौत हो गई।
फर्जी दस्तावेज और डिग्रियों का जाल
डॉ. प्रदीप का कहना है कि अपोलो प्रबंधन से मांगे जाने पर केवल नरेन्द्र का नियुक्ति पत्र दिया गया, लेकिन उसकी शैक्षणिक योग्यता के कोई प्रमाण नहीं दिए गए। वहीं सोशल मीडिया पर आरोपी ने कई देशों में रिसर्च और डिग्रियों का दावा किया है, लेकिन जांच में सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। दमोह पुलिस के अनुसार आरोपी के पास किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं है।
अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर हत्या का आरोप
शिकायतकर्ता डॉ. प्रदीप शुक्ला का कहना है कि फर्जी डॉक्टर ने न सिर्फ उनके पिता की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की, बल्कि उनकी जान भी ले ली। उन्होंने अपोलो प्रबंधन पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल ने आरोपी की डिग्रियों की जांच किए बिना उसे हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में भर्ती किया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ अपराध
सरकंडा पुलिस ने डॉ. नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव और अपोलो प्रबंधन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 466, 468, 471, 304 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
राजनीतिक हलकों में भी हलचल, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
इस गंभीर मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के अध्यक्ष विजय केशरवानी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपोलो अस्पताल और सरकंडा थाना का घेराव किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। एफआईआर दर्ज होने पर विजय केशरवानी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है।




