ट्रेन में बिगड़ी मासूम की तबीयत, रेलवे की सतर्कता से बची जान…..

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – रेल यात्रा के दौरान इंसानियत और सतर्कता की मिसाल पेश करती एक घटना सामने आई है। ट्रेन में सफर कर रहे एक तीन महीने के मासूम की जान बचाने के लिए रेलवे कर्मचारियों ने जो तत्परता दिखाई, घटना साउथ बिहार एक्सप्रेस की है।
मंगलवार को एक रेलयात्रा के दौरान इंसानियत और सतर्कता की मिसाल उस वक़्त देखने को मिली जब तीन महीने के एक मासूम बच्चे की जान बचाने के लिए रेलवे के कर्मचारियों ने समय पर कदम उठाए। घटना ट्रेन संख्या 13287 साउथ बिहार एक्सप्रेस की है, जिसमें रायपुर से आरा की ओर यात्रा कर रहे यात्री अमित कुमार, उनकी पत्नी ज्योति कुमारी और तीन महीने के बेटे अयान कुमार के साथ सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक अयान की तबीयत बिगड़ने लगी। मासूम को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिजनों ने तत्काल मदद की गुहार लगाई।
बिलासपुर स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही मंडल रेल प्रशासन को सूचना दे दी गई थी। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आई, पहले से तैयार स्टाफ डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (कमर्शियल) और ईएमआर की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया। मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक ने जानकारी दी कि बच्चे को पहले से ही ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता थी, लेकिन रास्ते में सिलेंडर खत्म हो गया। इस मानवीय संकट को समझते हुए रेलवे ने तत्काल 10 लीटर का ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाया, जिससे बच्चे को राहत मिली।
रेलवे की इस तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना हर तरफ हो रही है। यह उदाहरण साबित करता है कि ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री सिर्फ ग्राहक नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा माने जाते हैं जिनकी हर जरूरत का ध्यान रखा जाता है।




