जाम में जकड़ा बिलासपुर, दावे बड़े, सड़कों पर बेअसर ट्रैफिक व्यवस्था

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में यातायात सुधार के दावे बड़े-बड़े किए जा रहे हैं… हेल्पलाइन नंबर जारी हो रहा है… 24×7 क्विक रिस्पॉन्स टीम की बात हो रही है… लेकिन हकीकत सड़कों पर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर की जनता रोज़ाना घंटों जाम में फंस रही है, और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई सिर्फ चालान तक सीमित नजर आ रही है।
यातायात पुलिस द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर और त्वरित कार्रवाई के दावे भले ही कागजों में मजबूत दिखते हों, लेकिन बिलासपुर शहर में जाम की समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है।शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर हालात ऐसे हैं कि लोग रोज़ाना 1 से 2 घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। ऑफिस जाने वाले, स्कूल के बच्चे और आम नागरिक इस अव्यवस्था से खासे परेशान हैं। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का पूरा फोकस केवल चालानी कार्रवाई पर है।
ऑनलाइन चालान और फाइन वसूली में तो तेजी दिखाई देती है, लेकिन जाम हटाने या ट्रैफिक मैनेजमेंट में उतनी सक्रियता नजर नहीं आती। कई जगहों पर बिना प्लानिंग के पार्किंग, ओवरलोड वाहन और सिग्नल तोड़ने वालों पर समय रहते नियंत्रण नहीं होने से हालात और बिगड़ रहे हैं। यातायात पुलिस का कहना है कि हेल्पलाइन नंबर और क्विक रिस्पॉन्स टीम के जरिए शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
लेकिन सवाल यही है कि जब सड़कों पर जाम जस का तस है, तो ये त्वरित कार्रवाई आखिर कहां हो रही है? अब देखना होगा कि बिलासपुर यातायात पुलिस सिर्फ चालान तक सीमित रहती है या वाकई शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाते हैं।




