बिहार के अंतरराज्यीय लूट गिरोह का पर्दाफाश, 7 वारदातों का खुलासा, जांजगीर-चाम्पा पुलिस की बड़ी कार्यवाई

जांजगीर-चांपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंतरराज्यीय लूट और उठाईगिरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले इन आरोपियों ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में दिनदहाड़े लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। साइबर थाना जांजगीर की टीम ने करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई।
मामला थाना क्षेत्र का है, जहां 13 फरवरी 2026 को ग्राम धरदेई में बैंक से 2.5 लाख रुपये निकालकर लौट रहे व्यक्ति से दिनदहाड़े लूट की गई थी। प्रार्थी पामगढ़ स्थित से रकम निकालकर घर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने मोटरसाइकिल से पीछा कर रकम लूट ली थी।घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर टीम ने जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल से लेकर जांजगीर-बिलासपुर मार्ग तक 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के बिलासपुर पहुंचने की जानकारी मिली। पुराना बस स्टैंड स्थित एक लॉज में ठहरने की पुष्टि होने पर पुलिस ने दबिश दी और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक यादव और अविनाश उर्फ सनी कुमार यादव, निवासी कटिहार (बिहार) के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बैंक में बुजुर्ग और महिलाओं की रेकी कर उनका पीछा करता था और मौका देखकर केंवाच पाउडर का उपयोग कर लूट की वारदात को अंजाम देता था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, सारंगढ़ और जांजगीर सहित 7 प्रकरणों में कुल 9 लाख 83 हजार रुपये की लूट की है।आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, केंवाच पाउडर और नगदी रकम बरामद की गई है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सहित दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बड़ी रकम निकालते समय सतर्क रहें, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का उपयोग करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।जांजगीर पुलिस की इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय गिरोह का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




