नवजात की गर्भ में मौत,अपोलो अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर के अपोलो अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि समय पर ऑपरेशन नहीं करने से गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। बिलासपुर के विनोबा नगर निवासी पीहू अग्रवाल को प्रसव पीड़ा के चलते दो दिन पहले अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि महिला को लगातार दर्द होने के बावजूद डॉक्टरों ने समय पर ऑपरेशन नहीं किया। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने खांसी का हवाला देकर ऑपरेशन से इनकार कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर भी जब परिजनों ने ऑपरेशन की मांग की, तो कथित तौर पर डॉक्टरों ने टालमटोल किया।
रात करीब 10 बजे के बाद जब गर्भ में बच्चे की कोई हलचल नहीं हुई, तब अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई। देर रात सोनोग्राफी करने पर नवजात की गर्भ में ही मौत की पुष्टि हुई। जिसके बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और कहा अगर समय पर इलाज होता, तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को खूब खरी खोटी सुनाया.मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल के पीआरओ देवेश गोपाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिजनों को स्थिति समझाने का प्रयास किया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि अपोलो अस्पताल किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले दिन टीम ने अस्पताल पहुंचकर ईलाज के दस्तावेज, रिपोर्ट का मुआयना कर दोनों पक्षो का बयान लिया.
फिलहाल सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। सवाल यह है कि क्या यह मामला मेडिकल लापरवाही का है या कोई चिकित्सकीय मजबूरी। सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।




