भारी बारिश का कहर: चैतुरगढ़ माता मंदिर का रैम्प क्षतिग्रस्त, वाहनों की आवाजाही बंद

(प्रदीप भोई) : प्रकृति की मार ने कोरबा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ की राह मुश्किल कर दी है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश से मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर तक पहुंचने वाला कंक्रीट रैम्प बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने रैम्प पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों से पैदल मंदिर तक पहुंचने की अपील की गई है।
पाली विकासखंड से करीब 32 किलोमीटर दूर और लगभग तीन हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित चैतुरगढ़ में भारी बारिश के कारण मंदिर तक जाने वाला कंक्रीट रैम्प नीचे से खोखला हो गया है। तेज बहाव में रैम्प के नीचे की मिट्टी बह जाने से उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और कई जगह रास्ते पर बड़े पत्थर भी आ गिरे हैं।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी तरह के वाहन के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। श्रद्धालु अब केवल पैदल ही मंदिर तक पहुंच सकते हैं, लेकिन फिसलन और क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह सफर जोखिम भरा हो गया है।चैतुरगढ़ मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर कोरबा जिले का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां विशेष रूप से नवरात्रि और मानसून के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रैम्प के क्षतिग्रस्त होने से न सिर्फ श्रद्धालुओं को परेशानी होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।




