बिलासपुर

बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘पहुना’ कार्यक्रम में पहुंचे एसएसपी रजनेश सिंह: बोले- ‘इच्छाशक्ति हो तो कम संसाधनों में भी मिल सकते हैं बेहतर परिणाम’

(आशीष मौर्य संपादक/मयंक सिंह) : ​बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के विशेष कार्यक्रम ‘पहुना’ में जिले के कड़क, ईमानदार और अनुशासनप्रिय एसएसपी रजनेश सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम में पहुंचने पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा सहित तमाम पत्रकारों ने उनका पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान एसएसपी ने अपनी स्कूली शिक्षा से लेकर पुलिस सेवा तक के अपने अब तक के सफर को मीडियाकर्मियों के साथ बेहद बेबाकी से साझा किया।

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​स्कूल की दीवार से लगी थी एसपी ऑफिस की बाउंड्री, वहीं से जागी इच्छा : ​एसएसपी रजनेश सिंह ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि सफलता की कहानी अक्सर बचपन के सपनों से ही शुरू होती है। उन्होंने साझा किया कि ग्वालियर के जिस स्कूल में वह पढ़ते थे, उसकी बाउंड्री से ठीक लगा हुआ पुलिस अधीक्षक एसपी कार्यालय था। स्कूल के दिनों में रोजाना वहां की हलचल, अनुशासन और रौब को देखकर ही उनके मन में पहली बार पुलिस सेवा में जाने की इच्छा जागी थी, जो बाद में उनका संकल्प बन गई।

 

​अपराधियों पर कड़ा प्रहार, पॉक्सो मामलों में 29% की कमी : ​गौरतलब है कि 17 फरवरी 2024 को बिलासपुर एसएसपी का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही रजनेश सिंह ने जिले में अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका मुख्य फोकस हमेशा गंभीर अपराधों की फाइलों का बारीकी से अवलोकन करना और शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर सख्त सजा दिलाना रहा है। पुलिस की इसी मुस्तैदी का नतीजा है कि जिले में पॉक्सो एक्ट के मामलों में 29 फीसदी की बड़ी कमी दर्ज की गई है।

 

​संसाधनों की कमी पर दिया प्रेरणादायक जवाब : ​कार्यक्रम के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने पुलिस विभाग में मैन पावर और संसाधनों की कमी को लेकर सवाल किया, तो एसएसपी ने बेहद प्रेरणादायक और व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,​”काम लेने वाला इंसान कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर परिणाम दे सकता है, इसके लिए बस एक मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।”​एसएसपी रजनेश सिंह के इस कड़क, स्पष्ट और बेबाक अंदाज की प्रेस क्लब में मौजूद सभी वरिष्ठ पत्रकारों और मीडियाकर्मियों ने जमकर सराहना की। कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब पदाधिकारियों द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

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