बिलासपुर

करोड़ों की सड़क परियोजना पर बड़ा सवाल….बारिश में नाली ढलाई, ठेकेदार और निगम इंजीनियरों की कार्यशैली कटघरे में

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में मंगला चौक से धुरीपारा तक करोड़ों रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम चल रहा है। लेकिन जिस तरीके से तेज बारिश के बीच पानी से भरे निर्माण स्थल पर कंक्रीट ढलाई की जा रही है, उसने पूरे काम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जल्दबाजी दिखाई जा रही है, जबकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जा रहा है। अब सवाल सिर्फ ठेकेदार पर नहीं, बल्कि पूरे काम की निगरानी कर रहे नगर निगम के इंजीनियरों पर भी उठ रहे हैं।

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बारिश लगातार हो रही है… निर्माण स्थल पर पानी बह रहा है… लेकिन इसके बावजूद नाली की ढलाई बदस्तूर जारी है। तकनीकी मानकों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में कंक्रीट कार्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ठेकेदार ने काम पूरा करने की जल्दबाजी में गुणवत्ता से समझौता किया? और क्या नगर निगम के जिम्मेदार इंजीनियर मौके पर मौजूद थे? अगर थे, तो उन्होंने बारिश के बीच ढलाई पर रोक क्यों नहीं लगाई? और अगर नहीं थे, तो करोड़ों रुपये के इस काम की निगरानी कौन कर रहा था?स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे हैं, तो भविष्य में इसकी मजबूती और टिकाऊपन को लेकर चिंता स्वाभाविक है। जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली इस परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या करोड़ों रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है, या फिर बारिश में भी काम जारी रखकर सिर्फ समय सीमा पूरी करने की कोशिश हो रही है? इन सवालों का जवाब ठेकेदार और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा। यदि निर्माण पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ है, तो इसकी जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

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